हनुमानगढ़। शहर में ई-रिक्शा चालकों की समस्याएं लगातार गहराती जा रही हैं। शनिवार को हनुमानगढ़ दौरे पर आए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रदेश प्रभारी, पूर्व मंत्री एवं जैतारण विधायक दिलीप चौधरी से ई-रिक्शा चालकों ने मुलाकात कर अपनी प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। ई-रिक्शा यूनियन के प्रधान इकत्तर सिंह और उपप्रधान नक्षत्र सिंह ने बताया कि शहर में ई-रिक्शा खड़े करने के लिए प्रशासन द्वारा कोई अधिकृत स्टैंड निर्धारित नहीं किया गया है। इसके कारण चालकों को सड़कों किनारे वाहन खड़े करने पड़ते हैं, जिससे आए दिन विवाद की स्थिति बनती है।

उन्होंने बताया कि जंक्शन और टाउन क्षेत्र में टेम्पो चालकों के लिए निर्धारित स्टैंड की व्यवस्था है, जबकि ई-रिक्शा चालकों को ऐसी कोई सुविधा नहीं दी गई है। इससे उनके सामने असमानता की स्थिति उत्पन्न हो रही है। चालकों का कहना है कि यदि वे किसी स्थान पर ई-रिक्शा खड़ा करते हैं तो यातायात पुलिस की ओर से चालान काट दिया जाता है। रेलवे स्टेशन की बाउंड्री में भी उन्हें खड़ा नहीं होने दिया जाता। रेलवे अधिकारियों की ओर से काटे गए चालान की राशि जमा कराने के लिए बीकानेर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

अधिकांश ई-रिक्शा चालकों ने अपने वाहन किश्तों पर खरीदे हैं, ऐसे में भारी चालान राशि भरना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन जाता है। यूनियन पदाधिकारियों ने मांग की कि शहर में उपयुक्त स्थानों पर ई-रिक्शा स्टैंड चिन्हित किए जाएं तथा टेम्पो चालकों को निर्देशित किया जाए कि वे ई-रिक्शा चालकों को सवारियां उठाने से न रोकें और अनावश्यक हस्तक्षेप न करें। इस पर दिलीप चौधरी ने आश्वासन दिया कि वे संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर समस्या के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि आजीविका से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
