हनुमानगढ़। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बुधवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित कृषि उपज मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद का विधिवत शुभारंभ किया। मक्कासर निवासी किसान पुरुषोतम लाल शर्मा की गेहूं ढेरी का फर्म जुगल किशोर प्रेम रतन की आढ़त में विक्रय के साथ ही खरीद प्रक्रिया की शुरुआत हुई। मौके पर मॉइश्चर मीटर से जांच में गेहूं में नमी 11.75 प्रतिशत पाई गई, जो निर्धारित 12 प्रतिशत की सीमा से कम होने के कारण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप रही। इसके बाद ढेरी से खरीद शुरू की गई। तिलम संघ द्वारा खरीद का श्रीगणेश किया गया, जबकि मंडी में एफसीआई, आरएसएफसीएससी सहित अन्य एजेंसियां भी खरीद कार्य में भाग लेंगी। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने मंडी यार्ड के प्लेटफॉर्म-1 व 2 का जायजा लिया और किसानों व व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने सभी खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए कि मंडी में गेहूं पहुंचते ही गुणवत्ता जांच में तेजी लाते हुए खरीद प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाए। साथ ही ढेरीवार गुणवत्ता परीक्षण की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए।

इस दौरान व्यापारियों ने बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता में आई कमी को देखते हुए मानकों में छूट देने की मांग की। इस पर जिला कलेक्टर ने बताया कि गुणवत्ता मानकों में राहत देने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और इस पर जल्द निर्णय होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि आरएमएस 2026-27 के तहत यदि कोई किसान तय तुलाई तिथि पर मंडी नहीं पहुंच पाता है तो वह उसी या अगले सप्ताह किसी भी दिन अपनी फसल लेकर आ सकता है। हालांकि ऐसे किसानों की तुलाई दोपहर 3 बजे के बाद की जाएगी। राज्य सरकार द्वारा एमएसपी पर 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस घोषित किए जाने के बाद किसानों को कुल 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा। इस अवसर पर व्यापार संघ अध्यक्ष पदम जैन, व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मवीर जिंदल, फूडग्रेन व्यापार मंडल अध्यक्ष राजेंद्र गर्ग सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। वहीं कृषि विपणन उपनिदेशक एवं मंडी सचिव विष्णुदत्त शर्मा, अतिरिक्त सचिव विनिता लोहमरोड, लेखाधिकारी मांगीलाल शर्मा, पर्यवेक्षक आशाराम, एफसीआई के निशांत तथा आरएसएफसीएससी के हनुमान प्रसाद सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
