हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हनुमानगढ़ में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यक्रम के बाद क्षेत्र के किसानों से संवाद कर खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने किसानों से सिंचाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण और सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर फीडबैक लिया तथा किसानों की समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। संवाद के दौरान श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के किसानों ने राज्य सरकार द्वारा बजट में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) खरीद पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

किसानों ने नहरी तंत्र के सुदृढ़ीकरण और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए उन्हें गेहूं का गुलदस्ता भेंट कर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों से सीधा संवाद करते हुए बिजली आपूर्ति की स्थिति, नहरों के सुदृढ़ीकरण, फिरोजपुर फीडर की पानी वहन क्षमता बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सीधा संवाद कर खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को किसानों के सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से लेने तथा समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ प्रदेश के ऐसे जिले हैं, जो अनाज उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन जिलों के किसानों की मेहनत और समर्पण से ही राजस्थान को देश के प्रमुख अन्न उत्पादक राज्यों में स्थान मिला है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल संसाधनों के विकास और सिंचाई परियोजनाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर योजनाएं संचालित कर रही है। अन्य राज्यों के साथ जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए भी सरकार प्रयासरत है। इन प्रयासों का लाभ भविष्य में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के किसानों को अधिक पानी के रूप में मिलेगा, जिससे खेती को और मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने किसानों से बदलते समय के अनुसार खेती की पद्धतियों में नवाचार अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि किसान ऐसी फसलों की खेती को बढ़ावा दें, जिनमें पानी की खपत कम हो और उत्पादन अधिक मिले।

इसके साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कहते हुए फसलों में सीमित रासायनिक खाद के उपयोग और गोबर खाद के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन भी सुरक्षित रहता है। किसान कल्याण को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। दुग्ध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है, जिससे पशुपालकों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिल रहा है। इसके अलावा किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये तक के ब्याजमुक्त अल्पकालीन फसली ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है, ताकि खेती को आधुनिक और लाभकारी बनाया जा सके। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले 6 हजार रुपये के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से 3 हजार रुपये की सम्मान राशि भी किसानों को प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फसल बीमा योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और किसानों को समय पर राहत पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए हैं और प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक भी मौजूद है। जरूरत के अनुसार किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तहत एक विशेष पहल भी देखने को मिली। राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों को सौंपी गई, जिसने कार्यक्रम को एक अलग संदेश दिया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, जिला प्रभारी एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा, विधायक संजीव बेनीवाल, गुरवीर बराड़, गणेशराज बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में किसान भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और मुख्यमंत्री से सीधे संवाद कर अपनी बात रखी।
