- भाजपा 15 और कांग्रेस 10 सीटों पर सिमटी, सीपीआईएम और निर्दलीय को एक-एक वार्ड- गणेश राज बंसल समर्थित खेमे का दमदार प्रदर्शन, दो सीटें लॉटरी से और तीन वार्डां में रिकाउंटिंग ने बदली तस्वीर
हनुमानगढ़। नगर निकाय आम चुनाव-2026 में हनुमानगढ़ नगर परिषद के नतीजों ने शहर की सियासत का नया चेहरा सामने रखा है। 60 वार्डांे के घोषित परिणामों में टीम गणेश राज बंसल के निर्दलीय प्रत्याशियों ने कुल 33 वार्ड जीतकर सबसे बड़ा राजनीतिक समूह बना लिया है।

भाजपा के खाते में 15, कांग्रेस के 10 और सीपीआईएम व निर्दलीय के खाते में एक-एक वार्ड गया है। खास बात यह रही कि निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल समर्थित प्रत्याशियों ने बांसुरी चुनाव चिह्न पर मैदान में उतरकर कई वार्डांे में दमदार प्रदर्शन किया। परिणाम सामने आते ही विधायक समर्थकों में उत्साह का माहौल बन गया और आवास पर समर्थकों ने जश्न मनाया।
‘गणेशराज की लहरÓ में भाजपा ने हॉट सीट बचाई
चुनाव में विधायक गणेश राज बंसल समर्थित निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा कई वार्डांे में दिखाई दिया, लेकिन वार्ड 17 को लेकर मुकाबला खासा चर्चा में रहा। यहां भाजपा ने बाजी मारते हुए विधायक की धर्मपत्नी और पूर्व चेयरमैन संतोष बंसल को शिकस्त दी। यह सीट चुनाव की सबसे हॉट सीटों में शामिल रही और परिणाम ने भाजपा को भी अहम जीत दिलाई। वहीं कांग्रेस ने भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 10 वार्डांे में जीत दर्ज की।

भाजपा 15 सीटों के साथ दूसरा सबसे बड़ा समूह बनी, जबकि निर्दलीयों की संख्या दोनों प्रमुख दलों के संयुक्त आंकड़े से भी अधिक रही।
वार्ड 60 में रूपेंद्र यादव की सबसे बड़ी जीत
सबसे शानदार जीत वार्ड नंबर 60 से निर्दलीय प्रत्याशी रूपेंद्र यादव के नाम रही। उन्हें 1827 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 446 वोट प्राप्त हुए। इस तरह रूपेंद्र यादव ने 1381 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। यह पूरे नगर परिषद चुनाव में सबसे बड़ी बढ़त वाली जीत रही। इसके उलट सबसे करीबी मुकाबला वार्ड 57 में देखने को मिला। यहां निर्दलीय अंजू देवी ने 749 वोट हासिल कर भाजपा की वंदना गौतम को 746 वोटों पर रोक दिया। टीम गणेश राज बंसल की प्रत्याशी अंजू देवी महज 3 वोटों के अंतर से विजयी रहीं।
दो वार्डांे में बराबरी, लॉटरी ने तय किया विजेता
मतगणना के दौरान वार्ड 5 और वार्ड 37 के परिणाम बेहद रोचक रहे। वार्ड 37 में निर्दलीय प्रत्याशी मंगतराम और प्रेम कुमार को 567-567 वोट मिले। बराबरी की स्थिति में लॉटरी कराई गई, जिसमें मंगतराम विजयी घोषित हुए। इसी तरह वार्ड 5 में कांग्रेस प्रत्याशी अफसर अली और निर्दलीय प्रत्याशी मुकदर अली को 750-750 वोट मिले। लॉटरी में मुकदर अली के पक्ष में परिणाम आया और उन्हें विजेता घोषित किया गया।
रिकाउंटिंग ने बदल दी तीन वार्डांे की तस्वीर
हनुमानगढ़ नगर परिषद चुनाव में रिकाउंटिंग भी चर्चा का बड़ा विषय रही। वार्ड 9, 10 और 15 में शुरुआती परिणाम के बाद दोबारा मतगणना हुई और विजेता बदल गए। वार्ड 10 में पहले भाजपा के परितोष सारस्वत को विजेता घोषित किया गया था, लेकिन रिकाउंटिंग के बाद टीम गणेश राज बंसल के निर्दलीय नवीन बाकोलिया को विजयी घोषित किया गया। वार्ड 9 में पहले निर्दलीय मदन बाघला की जीत घोषित हुई, लेकिन दोबारा मतगणना में भाजपा के मनप्रीत सिंह सैनी विजेता बने।

वार्ड 15 में भी पहले निर्दलीय नारायण नायक की जीत बताई गई, लेकिन रिकाउंटिंग के बाद भाजपा की नगीना बाई विजयी घोषित हुईं।
एक ही परिवार की तीन जोड़ियों ने बनाई चुनावी कहानी
हनुमानगढ़ के चुनाव परिणामों में परिवार की जोड़ियों ने भी खासा ध्यान खींचा। निर्दलीय मनोज बड़सीवाल वार्ड 2 से विजयी हुए, जबकि उनकी पत्नी निशा बड़सीवाल ने वार्ड 3 से जीत दर्ज की। दोनों के एक साथ जीतने से यह जोड़ी खास चर्चा में रही। इसी तरह वार्ड 7 से सुमित रणवां और वार्ड 13 से उनकी पत्नी मंजू रणवां विजयी हुईं। यह जोड़ी पिछले बोर्ड में भी पार्षद रह चुकी है और इस बार फिर दोनों ने जीत दोहराई। तीसरी चर्चित जोड़ी कांग्रेस की रही।






वार्ड 28 से अनिल खीचड़ विजयी हुए, जबकि उनकी पत्नी सुशीला खीचड़ ने वार्ड 32 से जीत दर्ज की।
वार्ड 8 में सर्वजीत कौर को 1384 वोट
मतों के लिहाज से कई प्रत्याशियों ने शानदार प्रदर्शन किया। वार्ड 8 से निर्दलीय सर्वजीत कौर ने 1384 वोट, वार्ड 47 से कांग्रेस के श्रवण कुमार ने 1404 वोट, वार्ड 59 से निर्दलीय राजेंद्र सिंह ने 1299 वोट, वार्ड 6 से निर्दलीय वीर कमल ने 1230 वोट, वार्ड 12 से देवीलाल वर्मा ने 1075 वोट, वार्ड 23 से भाजपा की सुनीता देवी ने 1073 वोट और वार्ड 58 से निर्दलीय कुरेशा बीबी ने 1054 वोट हासिल किए।
32 निर्दलीयों ने बिगाड़े सियासी समीकरण
60 सदस्यीय नगर परिषद में टीम गणेश राज बंसल सहित कुल 34 निर्दलीयों की जीत ने आगे के राजनीतिक समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है। भाजपा के 15 और कांग्रेस के 10 पार्षदों के मुकाबले निर्दलीयों की संख्या स्पष्ट रूप से अधिक है। ऐसे में बोर्ड गठन और सभापति चुनाव से पहले निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। चुनावी नतीजों ने यह संकेत दिया है कि हनुमानगढ़ शहर में इस बार मतदाताओं ने पारंपरिक दलों के साथ-साथ स्थानीय चेहरों और निर्दलीय प्रत्याशियों को भी मजबूत समर्थन दिया। खासतौर पर गणेश राज बंसल समर्थित निर्दलीयों के प्रदर्शन ने नगर परिषद की नई सियासी तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। हनुमानगढ़ नगर परिषद का चुनाव परिणाम एकतरफा जीत की कहानी नहीं, बल्कि निर्दलीयों के उभार, भाजपा की मौजूदगी, कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन और लॉटरी व रिकाउंटिंग से बदले नतीजों की ऐसी कहानी बनकर सामने आया है, जिसने अब बोर्ड गठन की सियासत को बेहद रोचक बना दिया है।

