हनुमानगढ़। राजस्थान सरकार द्वारा अजमेर में प्रदेश का दूसरा आयुर्वेद विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा का आयुर्वेदिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने स्वागत किया है। इस निर्णय पर खुशी व्यक्त करते हुए टाइम्स मानव मंगल आयुर्वेदिक कॉलेज के चेयरमेन डॉ. सागरमल लड्ढा ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। डॉ. लड्ढा ने कहा कि अजमेर में आयुर्वेद विश्वविद्यालय की स्थापना प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी। इससे न केवल आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को नई पहचान मिलेगी बल्कि प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी होगा। उन्होंने कहा कि “स्वस्थ राजस्थान से समृद्ध राजस्थान” के लक्ष्य को हासिल करने में यह विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़े विश्वविद्यालय और संस्थानों की स्थापना से युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। इसके साथ ही आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी के क्षेत्र में शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान को भी नई गति मिलेगी। इससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों का विश्वास और बढ़ेगा तथा आधुनिक चिकित्सा के साथ समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। डॉ. लड्ढा ने कहा कि आज के समय में बड़ी संख्या में युवा आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। ऐसे युवाओं के लिए हनुमानगढ़ टाउन स्थित टाइम्स मानव मंगल आयुर्वेदिक कॉलेज एक बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है। यह संस्थान डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने जानकारी दी कि कॉलेज में आयुर्वेद से संबंधित डिप्लोमा इन आयुष नर्सिंग एंड फार्मेसी तथा बीएससी नर्सिंग (आयुर्वेद) जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए जा चुके हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयुर्वेदिक चिकित्सा, औषध निर्माण, नर्सिंग तथा प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी आधुनिक और पारंपरिक दोनों प्रकार की जानकारी दी जाती है, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। उन्होंने बताया कि इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी 20 मार्च 2026 तक टाइम्स मानव मंगल आयुर्वेदिक कॉलेज, हनुमानगढ़ टाउन में संपर्क कर अपना प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आयुर्वेद क्षेत्र में करियर बनाने और इस पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाने का आह्वान भी किया।
