हनुमानगढ़। ई-मित्र के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें आधार कार्ड बनवाने के बहाने एक सफाई कर्मचारी से 18 हजार रुपए वसूल लिए गए। मामले को लेकर पीड़ित ने जिला कलक्टर को प्रार्थना पत्र सौंपकर जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। सफाई कर्मचारी विक्रम पुत्र किशनलाल वाल्मीकि निवासी वार्ड नंबर 9, सेक्टर 12, जंक्शन ने बताया कि करीब तीन माह पहले उसकी सास आधार कार्ड बनवाने के लिए केसरीसिंहपुर से आई थी। इस दौरान उसने अपने परिचित आकाश पुत्र संजय नायक निवासी सेक्टर 12, वार्ड 9 से संपर्क किया। आकाश ने आधार कार्ड बनवाने के नाम पर 18 हजार रुपए की मांग की और 15 दिन में कार्ड बनवाने का आश्वासन दिया। इस पर उन्होंने आकाश को 18 हजार रुपए दे दिए। इसके बाद आकाश पीड़ित की सास को हनुमानगढ़ बस डिपो के पास स्थित मुख्य डाकघर ले गया, जहां दस्तावेज अपलोड करवाए गए। जब वह 15 दिन बाद आकाश के पास अपनी सास का आधार कार्ड लेने गया तो आकाश ने 1-2 दिन में आधार कार्ड आने की बात कही। इस पर उसे शह हुआ तो वह डाकघर कर्मचारी के पास पहुंचा। डाकघर कर्मचारी ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता और यह प्रक्रिया केन्द्र सरकार की ओर से की जाती है। शक होने पर पीड़ित ने आकाश से पैसे वापस मांगे, जिस पर उसने 15 हजार रुपए लौटा दिए, जबकि शेष 3 हजार रुपए देने का आश्वासन देकर टालता रहा। 14 अप्रैल 2026 को जब पीड़ित अपने साथी योगेश के साथ पैसे मांगने पहुंचा तो आकाश कथित रूप से झगड़े पर उतारू हो गया और धमकी दी। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि आरोपी ई-मित्र का बहाना बनाकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता है और भोले-भाले लोगों को ठगता है। साथ ही फोन पर आधार कार्ड बंद करवाने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने जिला प्रशासन से आरोपी के ई-मित्र केन्द्र की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

