हनुमानगढ़: “रक्त के अभाव में न जाए किसी की जान, मानवता की सेवा में काम आए इंसान”—इसी संदेश को चरितार्थ करते हुए टाउन के सरकारी अस्पताल में मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली। संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों द्वारा समाज सेवा और परोपकार की भावना को आगे बढ़ाते हुए एक जरूरतमंद मरीज की मदद की गई। संगरिया तहसील के गांव किशनपुरा उतराधा निवासी सरजीत बेगड़ की पत्नी कौशल्या, जो ब्लड कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, का उपचार टाउन के सरकारी चिकित्सालय में चल रहा है। उपचार के दौरान उन्हें रक्त की अत्यंत आवश्यकता पड़ी। जैसे ही यह सूचना संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों तक पहुंची, उन्होंने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सहायता का निर्णय लिया। भादरा तहसील के डुंगराना गांव निवासी धर्मवीर के पुत्र विनोद कुमार ने निस्वार्थ भाव से एक यूनिट रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया। उनके इस कार्य ने न केवल एक मरीज की जान बचाने में मदद की, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश दिया। इस अवसर पर मरीज कौशल्या के पति सरजीत बेगड़ ने संत रामपाल जी महाराज एवं उनके शिष्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के परोपकारी कार्य वास्तव में समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि संत जी द्वारा दिए गए मानव सेवा के संदेश को उनके अनुयायी वास्तविक जीवन में उतार रहे हैं, जो सराहनीय है। संत रामपाल जी महाराज अपने प्रवचनों में हमेशा कहते हैं कि “परोपकार से बड़ा कोई धर्म नहीं है” और मानव जीवन का उद्देश्य दूसरों के काम आना है। इस घटना ने उनके इन विचारों को साकार रूप में प्रस्तुत किया है।
