हनुमानगढ़। जिले की ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे उप स्वास्थ्य केन्द्र एवं अस्पताल भवनों के निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और लाखों रुपयों की बंदरबांट किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। गुरुवार को संगरिया तहसील की ग्राम पंचायत सिंहपुरा के ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर ठेकेदार और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से जिले में कुल 67 स्थानों पर उप-स्वास्थ्य केन्द्र/हॉस्पिटल भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। प्रत्येक भवन की अनुमानित लागत 47 लाख 50 हजार रुपए निर्धारित है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार के निर्धारित मानकों और नवीन नक्शों को दरकिनार कर पुराने नक्शे के आधार पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पुराने भवनों को तोड़ने के बाद उनकी ईंटों की नीलामी नहीं करवाई गई। साथ ही जंगले, दरवाजे और पुरानी ईंटों आदि की करीब डेढ़ लाख रुपए की सामग्री की ठेकेदार और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की ओर से मिलीभगत से बंदरबांट किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि 47.50 लाख रुपए की लागत वाले भवनों को मात्र 18 से 20 लाख रुपए में तैयार कर हैंडओवर किया जा रहा है, जिससे एक-एक निर्माण कार्य में लगभग 29 लाख रुपए तक के घपले की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मोरजण्ड सिखान, अमरपुरा जालू खाट, चक 12 एमजेडी तथा ग्राम पंचायत शाहपीनी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत उप-स्वास्थ्य केन्द्र/हॉस्पिटल भवनों का निर्माण कार्य जारी है। यह कार्य सीधे जनस्वास्थ्य से जुड़ा होने के बावजूद निर्माण में तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार की ओर से एएनएम एवं स्वास्थ्य स्टाफ पर भवन का हैंडओवर लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यहां तक कि हैंडओवर नहीं लेने पर वेतन रुकवाने की धमकी भी दी जा रही है।
जनहानि की आशंका, कार्य रुकवाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी लापरवाही के चलते भविष्य में भवनों की गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना और जनहानि की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने मांग की कि सभी निर्माण कार्यांे की स्वतंत्र उच्च स्तरीय तकनीकी जांच करवाई जाए। जांच पूर्ण होने तक सभी निर्माण कार्यांे को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। घटिया सामग्री हटवाकर मानक अनुसार पुन: निर्माण करवाया जाए। निर्मित हो चुके भवनों की जांच व आरसीसी के नमूने लिए जाएं। दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्यवाही की जाए। कर्मचारियों को धमकाने के मामले की पृथक से जांच कर उचित कार्यवाही की जाए। इस मौके पर जग्गासिंह, जसवंत सिंह, तोतासिंह, बलविन्द्र, राजेश, संदीप सिंह, बलकरण सिंह, गुरदीप, हरविन्द्र सिंह, जसवीर सिंह, गुरदास सिंह, लखवीर सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
