हनुमानगढ़। ऋषि पंचमी के मौके पर मंगलवार को ब्राह्मण समाज के लोगों ने सार्दुल ब्रांच नहर के मुख्य हेड पर एकत्रित होकर विधि-विधान से उपाकर्म किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने स्नान कर ऋषियों का पूजन किया तथा ऋषियों को जनेऊ अर्पित कर ब्राह्मण पूजन किया। इस मौके पर बताया गया कि सनातन धर्म में वर्षभर अनेक पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं। इन्हीं में ऋषि पंचमी का विशेष महत्व है। यह पर्व ऋषियों के प्रति श्रद्धा और उनके बताए मार्ग पर चलने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि ऋषि पंचमी पर उपाकर्म के माध्यम से जाने-अनजाने में हुए कर्मांे की न्यूनता अथवा दोषों के लिए प्रायश्चित किया जाता है। विशेष रूप से ब्राह्मणों के लिए यह पर्व महत्वपूर्ण माना गया है। श्रावणी कर्म, जिसे उपाकर्म भी कहा जाता है, सामान्यत: श्रावण पूर्णिमा पर किया जाता है। जो ब्राह्मण किसी कारणवश उस दिन श्रावणी कर्म नहीं कर पाते, वे ऋषि पंचमी के दिन उपाकर्म करते हैं। इस अवसर पर स्नान आदि के बाद ऋषियों का पूजन किया गया, उन्हें जनेऊ दान किया गया और इसके बाद ब्राह्मण पूजन की परंपरा निभाई गई। श्रद्धालुओं ने ऋषियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए सनातन परंपराओं के संरक्षण और उनके अनुसरण का संकल्प लिया।
