हनुमानगढ़। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में श्रम घटक योजना के अंतर्गत कार्यरत श्रमिकों के लंबित मानदेय एवं अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को जलदाय तकनीकी कर्मचारी संघ ने पीएचईडी के अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन सौंपा। राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ प्रदेश महामंत्री इन्द्राज घोटिया ने बताया कि जल योजनाओं पर कार्यरत श्रमिक पिछले लगभग एक वर्ष से अधिक समय से बिना मानदेय के कार्य कर रहे हैं, जिससे उनके समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। श्रमिकों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों को न तो सामाजिक सुरक्षा, साप्ताहिक अवकाश और न ही अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जो श्रम कानूनों के विपरीत है। संघ जिलाध्यक्ष लेखराम योगी ने कहा कि वर्षांे से सेवाएं देने के बावजूद श्रमिकों को स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है और न ही उनके अनुरूप वेतन एवं अन्य लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल श्रेणी में वर्गीकृत किए जाने के बावजूद भी उन्हें नियमित दैनिक मजदूरी तक नहीं मिल रही है। संगठन ने मांग की है कि श्रमिकों को उनके अनुभव एवं कार्य के आधार पर नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, सरकारी कर्मचारियों के समान वेतन-भत्ते दिए जाएं तथा लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 20 अप्रैल के बाद तक मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है तो श्रमिक अपनी-अपनी जल योजनाओं की चाबियां विभाग को सौंपकर अधिशाषी अभियंता कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन शुरू करने को बाध्य होंगे। इस मौके पर संघ के जिला महामंत्री मनोज राव के अलावा संदीप झोरड़, सुरेश दायमा, बलविंद्र सिंह, जीतराम, गुरचरण सिंह, महेंद्र सिंह, लखवीर सिंह, रामजीलाल, दर्शन सिंह, नरविन्द्र सिंह, जगरुप सिंह, राजेन्द्र कुमार मौजूद रहे।
