हनुमानगढ़। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत सरकारी चिकित्सा संस्थानों में मरीजों को कतार में लगने से राहत देने के लिए डिजिटल टोकन की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत मरीज चिकित्सा संस्थान में प्रदर्शित एबीडीएम क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर अपना टोकन जनरेट कर सकते हैं और अपनी बारी आने तक अनावश्यक रूप से कतार में खड़े रहने से बच सकते हैं। इसके अंतर्गत उपजिला नोहर नियमित शानदार सुविधाएं उपलब्ध करवा रहा है। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव ने नोहर उपजिला अस्पताल में डिजिटल टोकन व्यवस्था एवं अन्य सुविधाएं मुहैय्या करवाने पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. हंसराज शर्मा एवं उपजिला अस्पताल की पूरी टीम को बधाई दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि एबीडीएम के तहत स्कैन एवं रजिस्टर टोकन जनरेशन की निदेशालय स्तर से 17 अगस्त 2026 को जारी मासिक सूची में उप जिला अस्पताल नोहर ने राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। नोहर में कुल 924 डिजिटल टोकन जनरेट किए गए। सूची में जिला अस्पताल नीम का थाना (सीकर) 1040 टोकन के साथ प्रथम तथा उप जिला अस्पताल बासी (जयपुर) 958 टोकन के साथ द्वितीय स्थान पर रहा। हनुमानगढ़ जिले में उप जिला अस्पताल भादरा भी डिजिटल टोकन जनरेशन में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। भादरा में 889 टोकन जनरेट किए गए, जिससे वह राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सा संस्थानों में शामिल रहा। डॉ. शर्मा ने बताया कि स्कैन एवं रजिस्टर सुविधा के प्रभावी उपयोग से उप जिला अस्पताल को प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग अस्पताल के बेहतर विकास एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं को और सुदृढ़ करने में किया जाएगा।
क्यूआर कोड स्कैन कर ऐसे पाएं टोकन
डॉ. शर्मा ने बताया कि मरीज को चिकित्सा संस्थान में लगाए गए एबीडीएम क्यूआर कोर्ड को अपने मोबाइल के कैमरे या क्यू आर स्कैनर से स्कैन करना होगा। क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद खुलने वाले लिंक पर आवश्यक जानकारी दर्ज कर टोकन जनरेट किया जा सकता है। टोकन प्राप्त होने के बाद मरीज अपनी टोकन संख्या के अनुसार अपनी बारी का इंतजार कर सकते हैं। डिजिटल टोकन की यह व्यवस्था मरीजों के समय की बचत करने के साथ-साथ अस्पतालों में पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक, व्यवस्थित और डिजिटल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
