हनुमानगढ़। आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए जिले में पहली बार संगठित, सुव्यवस्थित और उच्च गुणवत्ता वाले निःशुल्क कोचिंग मॉडल की शुरुआत की जा रही है। इसी सिलसिले में सोमवार को जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने कलेक्ट्रेट सभागार में कलक्टर क्लास के पोस्टर का विमोचन किया। पोस्टर के विमोचन के साथ ही आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है, जो 18 जनवरी, 2026 तक चलेगी। इस मौके पर सीडीईओ श्री पन्नालाल कड़ेला, डीईओ (प्रारंभिक) श्री सीएम भार्गव मौजूद रहें। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि यह पहल केवल निःशुल्क कोचिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सतत निगरानी, समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रणाली का समन्वय है। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जिले का प्रत्येक बच्चा सरकारी नौकरी की तैयारी में बराबर मौका पाए। अब प्रतिभा गांव की गलियों से निकलकर प्रतियोगी परीक्षाओं में चमकेगी। इस योजना के लिए विस्तृत तैयारी दिसंबर 2025 से शुरू की गई थी। 12 जनवरी, 2026 तक सभी व्यवस्थाएं, संसाधन और शेड्यूल तय कर दिए गए है।

कैसे काम करेगा निःशुल्क कोचिंग मॉडल (कलक्टर क्लास) ?
जिले के युवा 18 जनवरी, 2026 सांय 6 बजे तक ऑनलाइन गुगल फॉर्म https://forms.gle/eVuM4ASiUMJdrWCVA के माध्यम से आवेदन कर सकते है। इसके उपरांत मेरिट और उपलब्ध सीटों के आधार पर चयन किया जाएगा। पहले 100 विद्यार्थियों को प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा, जबकि अधिक आवेदन आने पर अतिरिक्त बैच या प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऐसा सिलेबस तैयार किया है, जिससे विद्यार्थियों को किसी भी प्रतियोगी परीक्षा-आरएएस, पटवार, समान पात्रता परीक्षा, रीट, एलडीसी इत्यादि-के लिए अलग से पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी तथा कॉलेज विद्यार्थियों के फाउंडेशन कोर्स का काम भी करेगा। कुल पाठ्यक्रम करीब 850 से 900 घंटे में पूरा कराया जाएगा। हर दिन औसतन 2.5 घंटे तथा छुट्टियों में 7.5 घंटे तक कक्षाएं होंगी। इस तरह 6–7 माह में कोर्स पूरा करवाया जाएगा। कोचिंग के लिए जिले के अनुभवी सरकारी शिक्षकों और कॉलेज प्राध्यापकों को स्वयंसेवक के तौर पर जोड़ा गया है। जो स्कूल और कॉलेज समय के अतिरिक्त अपना योगदान देते हुए अध्यापन करवाएंगे। गणित, सामान्य ज्ञान, समसामयिकी, सामान्य अग्रेंजी, हिन्दी, राजस्थान सामान्य अध्ययन इत्यादि के विशेषज्ञों की एक मजबूत 15+ सदस्यों की टीम विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देगी। इसके साथ ही जिला कलेक्टर और एसपी सहित जिला स्तरीय अधिकारी भी प्रोत्साहन क्लास के माध्यम से मार्गदर्शन देंगे। कोचिंग में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की नियमित प्रगति की भी जांच होगी। जिला कलेक्टर की योजना है कि इस मॉडल को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि दूर-दराज़ के गांवों के छात्र भी लाभ ले सकें। इसके लिए स्कूलों की आईसीटी लैब में भविष्य में ‘ऑनलाइन क्लासेज’ चलाई जाएगी, जहां ऑनलाइन माध्यम में एक ही समय पर कक्षाएं उपलब्ध होंगी। यह राजस्थान में अपनी तरह का पहला प्रयोग है।

सार्वजनिक क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार
राज्य सरकार ने पेपरलीक के प्रकरणों पर सख्त कार्रवाई की तथा राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के भरपूर अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले दो वर्षों में 1 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। करीब डेढ लाख पदों पर चयन प्रक्रियाधीन है। राज्य सरकार ने 5 साल में सरकारी क्षेत्र में 4 लाख एवं निजी क्षेत्र में 6 लाख नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। निजी क्षेत्र में युवाओं को अब तक दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर दिए जा चुके हैं। सोमवार को ही सार्वजनिक क्षेत्रों में 1 लाख भर्तियों के कैलेंडर को जारी किया गया है।
