जयपुर। कृषि विभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो की हालिया कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं द्वारा कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर लगाए गए आरोपों के बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर उनके बचाव में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किरोड़ीलाल मीणा बेईमान हैं, तो फिर मदन दिलावर कभी ईमानदार हो ही नहीं सकता। मदन दिलावर ने कहा कि वे किरोड़ीलाल मीणा को विद्यार्थी जीवन से जानते हैं और उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरी, निष्पक्ष तथा ईमानदार रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस नेताओं को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए जल जीवन मिशन घोटाले का मुद्दा उठाया और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से सवाल किया कि इस कथित घोटाले में उन्हें कितनी राशि मिली थी। उन्होंने कहा कि जनता को इसका जवाब मिलना चाहिए। साथ ही पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से जुड़े मामलों पर भी गहलोत से स्पष्टीकरण मांगा। कृषि विभाग में एसीबी की कार्रवाई पर दिलावर ने कहा कि किसी भी विभाग में कोई व्यक्ति भ्रष्ट हो सकता है, लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का किसी मंत्री या अधिकारी से संपर्क होना भ्रष्टाचार में उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। भाजपा सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है तथा भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी हमला बोलते हुए दिलावर ने कहा कि उनके खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप में जांच जारी है। उन्होंने दावा किया कि जांच पूरी होने के बाद डोटासरा को भी पूर्व मंत्री महेश जोशी की तरह कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और जेल जाना पड़ सकता है। सचिन पायलट से जुड़े सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस के अंदरूनी विवादों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति अपने ही साथी या भाई समान नेता को निकम्मा, नकारा या मक्कार कैसे कह सकता है। राजनीति में ऐसी भाषा और व्यवहार उचित नहीं माने जाते। दिलावर ने कृषि विभाग में नकली बीज और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसे सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। निकाय और पंचायत चुनावों के मुद्दे पर भी उन्होंने कांग्रेस को घेरा। दिलावर ने कहा कि कांग्रेस को इस विषय पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में लंबे समय तक चुनाव नहीं कराए गए थे। उन्होंने बताया कि हाल ही में न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ओबीसी आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद सरकार विधि विशेषज्ञों से राय लेकर चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इस विषय पर मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा होगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
