हनुमानगढ़। नगर परिषद की ओर से जंक्शन बस स्टैंड में निर्मित सात दुकानों एवं प्रथम तल पर बने सात कमरों की आम नीलामी को मंगलवार को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया। हालांकि, नीलामी स्थगन की पूर्व सूचना नहीं मिलने के कारण बड़ी संख्या में ठेकेदार नगर परिषद कार्यालय पहुंच गए, जिससे वहां असंतोष की स्थिति बन गई। ठेकेदारों को जब यह जानकारी मिली कि नीलामी फिलहाल नहीं होगी और पूर्व ठेकेदार को ही 10 प्रतिशत राशि बढ़ाकर ठेका देने की तैयारी है, तो उन्होंने इसका विरोध जताया।पूर्व पार्षद हिमांशु महर्षि ने बताया कि जंक्शन बस स्टैंड परिसर में नगर परिषद की ओर से निर्मित दुकानों और ऊपर बने कमरों को हर वर्ष टेंडर के माध्यम से किराए पर दिया जाता है। पिछले वर्ष भी यह प्रक्रिया बोली के जरिए ही पूरी की गई थी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी 24 मार्च को नीलामी की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन जब इच्छुक ठेकेदार मौके पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि न तो रसीद काटी जाएगी और न ही बोली प्रक्रिया आयोजित होगी, बल्कि पूर्व ठेकेदार को ही बढ़ी हुई राशि पर ठेका दे दिया जाएगा। महर्षि ने सवाल उठाया कि यदि पूर्व ठेकेदार को ही ठेका देना था, तो फिर टेंडर जारी करने का औचित्य क्या था। उन्होंने मांग की कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए और सभी इच्छुक पक्षों को समान अवसर दिया जाए। उनका कहना था कि निष्पक्ष और खुली नीलामी से ही नगर परिषद की आय में बढ़ोतरी संभव है और सभी को समान अवसर मिल सकता है। ठेकेदारों ने नगर परिषद अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। ठेकेदारों का कहना था कि नियमानुसार 10 प्रतिशत बढ़ाकर टेंडर छोड़ा जा सकता है, लेकिन यदि खुली बोली प्रक्रिया अपनाई जाए तो यह राशि 20 प्रतिशत या उससे अधिक तक भी जा सकती है, जिससे नगर परिषद की आय में वृद्धि होगी। उनका आरोप था कि बोली प्रक्रिया नहीं करवाने से नगर परिषद को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान होगा।
