हनुमानगढ़। शहर में होली पर्व के उपलक्ष्य में होलिका दहन रंगीला महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम 3 मार्च 2026, मंगलवार को सायं 6:15 बजे से आयोजित होगा। आयोजन स्थल शीतला माता मंदिर वाली गली, हाई स्कूल के पीछे, सेक्टर–12, वार्ड नं.–10, हनुमानगढ़ जंक्शन निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम को लेकर स्थानीय नागरिकों एवं आयोजकों में उत्साह का माहौल है। आयोजन में धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सांस्कृतिक रंगों की भी झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम की शुरुआत सुंदर-सुंदर झांकियों से होगी, जो होली पर्व के पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व को दर्शाएंगी। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें लोकनृत्य, संगीत एवं पारंपरिक प्रस्तुतियां शामिल होंगी। अंत में शुभ मुहूर्त में विधिवत होलिका दहन संपन्न कराया जाएगा, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अमित सहू (विधायक प्रत्याशी, भाजपा) उपस्थित रहेंगे। वहीं विशिष्ट अतिथियों में राजकुमार हिसारिया (पूर्व सभापति, नगर परिषद हनुमानगढ़), अर्जुन बागड़ी (पूर्व अध्यक्ष, राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग), मीनाक्षी सहारण (डीवाईएसपी, हनुमानगढ़), अनिल चिन्दा (यातायात प्रभारी, हनुमानगढ़), आशीष पारिक (जिला प्रवक्ता, भाजपा, हनुमानगढ़), युधिष्ठिर गवखड़ ‘नीटू’ (समाजसेवी) तथा परितोष सारस्वत (पूर्व अध्यक्ष, युवा मोर्चा, भाजपा) शामिल होंगे। मंच संचालन का दायित्व दर्शन मिडा निभाएंगे। आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत को सहेजना तथा नागरिकों को एक साझा मंच पर जोड़ना है। होली का यह पर्व आपसी भाईचारे, सौहार्द और उल्लास का संदेश देता है। समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम के आयोजक एवं निवेदक समस्त धानका समाज एवं होलिका दहन सेवा समिति, हनुमानगढ़ जंक्शन हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोजन की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं और सुरक्षा, स्वच्छता तथा यातायात व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। अंत में आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं युवाओं से सपरिवार उपस्थित होकर होली के इस रंगीले महोत्सव में सहभागी बनने का आग्रह किया है, ताकि यह आयोजन आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का सशक्त उदाहरण बन सके।
