हनुमानगढ़। बदलती जीवनशैली, शारीरिक श्रम की कमी और बढ़ते तनाव के कारण आज हर आयु वर्ग के लोग किसी न किसी शारीरिक समस्या से प्रभावित हैं। कमर दर्द, गर्दन दर्द, घुटनों का दर्द, लकवा, खेल चोट, बच्चों में विकास संबंधी समस्याएँ और ऑपरेशन के बाद की जटिलताएँ आम होती जा रही हैं। ऐसे समय में हनुमानगढ़ शहर में स्थित डॉ. राम सिंहाग फिजियोथेरेपी हॉस्पिटल आमजन के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बनकर उभरा है। यह हॉस्पिटल आधुनिक फिजियोथेरेपी तकनीकों के माध्यम से बिना सर्जरी और बिना दवाइयों के प्रभावी उपचार प्रदान कर रहा है, जिससे मरीजों को लंबे समय तक लाभ मिल रहा है।
अनुभवी विशेषज्ञ के नेतृत्व में उपचार
इस हॉस्पिटल का संचालन वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. राम सिंहाग (पी.टी.) द्वारा किया जा रहा है। वे पीएचडी स्कॉलर हैं तथा एम.पी.टी. (न्यूरोलॉजी) में उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इसके साथ ही वे मैनुअल थेरेपी, ड्राय नीडलिंग और न्यूरो फिजियोथेरेपी में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त विशेषज्ञ हैं। डॉ. सिंहाग का मानना है कि सही समय पर उचित फिजियोथेरेपी से मरीज को सर्जरी और लंबे समय तक चलने वाली दवाइयों से बचाया जा सकता है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित केंद्र
डॉ. राम सिंहाग फिजियोथेरेपी हॉस्पिटल एक पूर्णतः आधुनिक और सुव्यवस्थित केंद्र है, जहाँ मरीजों के लिए अलग-अलग थैरेपी यूनिट उपलब्ध हैं। हॉस्पिटल में आधुनिक मशीनें, एक्सरसाइज़ ज़ोन, मैनुअल थेरेपी यूनिट, न्यूरो रिहैबिलिटेशन सेक्शन और बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग स्थापित किया गया है। यहाँ प्रत्येक मरीज की समस्या का गहन मूल्यांकन किया जाता है और उसी के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है।
दर्द से राहत में विशेष पहचान
यह हॉस्पिटल विशेष रूप से दर्द से संबंधित समस्याओं के उपचार के लिए जाना जाता है। यहाँ कमर दर्द, गर्दन दर्द, कंधे का दर्द, घुटनों का दर्द, सायटिका, स्लिप डिस्क, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस जैसी समस्याओं का सफल उपचार किया जा रहा है। ड्राय नीडलिंग, मैनुअल थेरेपी और आधुनिक एक्सरसाइज़ तकनीकों के माध्यम से मरीजों को कम समय में राहत मिल रही है।
लकवा और न्यूरो रोगियों के लिए वरदान
लकवा, ब्रेन स्ट्रोक, हेमीप्लेजिया, चेहरे का लकवा और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से पीड़ित मरीजों के लिए यह हॉस्पिटल विशेष सेवाएँ प्रदान कर रहा है। न्यूरो फिजियोथेरेपी के माध्यम से मरीजों को दोबारा चलने-फिरने, संतुलन बनाने और दैनिक कार्य करने में सहायता दी जाती है। कई मरीज जो लंबे समय से बिस्तर पर थे, वे अब आत्मनिर्भर जीवन जीने लगे हैं।
बच्चों के लिए विशेष चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग
हॉस्पिटल में बच्चों के उपचार के लिए एक अलग चाइल्ड डेवलपमेंट विभाग संचालित किया जा रहा है। यहाँ सेरेब्रल पाल्सी, ऑटिज़्म, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, विकास में देरी और जन्मजात विकारों से पीड़ित बच्चों का उपचार किया जाता है। विशेष रूप से प्रशिक्षित थैरेपिस्ट बच्चों के साथ खेल आधारित थैरेपी के माध्यम से कार्य करते हैं, जिससे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सुधार हो सके।
ऑपरेशन के बाद पुनर्वास में प्रभावी भूमिका
घुटना प्रत्यारोपण, हिप रिप्लेसमेंट, फ्रैक्चर और अन्य ऑर्थोपेडिक सर्जरी के बाद सही रिहैबिलिटेशन बेहद आवश्यक होता है। हॉस्पिटल में पोस्ट-सर्जरी रिहैबिलिटेशन के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाते हैं, जिससे मरीज शीघ्र स्वस्थ होकर सामान्य जीवन में लौट सकें।
मरीजों का विश्वास बना पहचान
डॉ. राम सिंहाग फिजियोथेरेपी हॉस्पिटल ने अल्प समय में ही हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना ली है। यहाँ आने वाले मरीज उपचार से संतुष्ट होकर दूसरों को भी प्रेरित कर रहे हैं। समयबद्ध इलाज, पारदर्शिता और सेवा भावना इस हॉस्पिटल की प्रमुख विशेषताएँ हैं।
सामाजिक सरोकार भी निभा रहा संस्थान
हॉस्पिटल द्वारा समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और परामर्श शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिससे ग्रामीण और जरूरतमंद वर्ग को भी फिजियोथेरेपी सेवाओं का लाभ मिल सके।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर डॉ. राम सिंहाग फिजियोथेरेपी हॉस्पिटल हनुमानगढ़ में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में एक विश्वसनीय और सशक्त केंद्र के रूप में उभर चुका है। आधुनिक तकनीक, अनुभवी नेतृत्व और मानवीय दृष्टिकोण के साथ यह संस्थान लोगों को दर्दमुक्त, सक्रिय और बेहतर जीवन की ओर ले जा रहा है।
