हनुमानगढ़। राजस्थान जलदाय कर्मचारी महासंघ का धैर्य अब जवाब देता नजर आ रहा है। लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में महासंघ ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। जयपुर स्थित भारतीय मजदूर संघ कार्यालय में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेशभर से पहुंचे कर्मचारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश पाठक ने की, जिसमें विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कर्मचारी हितों की लगातार उपेक्षा और सरकार की उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।

जलदाय तकनीकी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लेखराम योगी एवं संगठन मंत्री संदीप झोरड़ ने कहा कि सरकार की टालमटोल नीति के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वार्ता का समय समाप्त हो चुका है और अधिकारों के लिए आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है। महासंघ के प्रदेश महामंत्री इन्द्राज घोटिया ने बताया कि संगठन जल्द ही सरकार को औपचारिक आंदोलन नोटिस सौंपेगा। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर आगामी माह से बेमियादी आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

संगठन मंत्री किशोर नाथ सिसोदिया ने बताया कि सरकार को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि तब तक मांगों पर समाधान नहीं होता, तो 1 अप्रैल के बाद किसी भी समय जयपुर स्थित जल भवन (मुख्य अभियंता कार्यालय) पर धरना शुरू किया जा सकता है। कर्मचारियों की इस चेतावनी से विभाग और प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। यदि आंदोलन शुरू होता है, तो इसका सीधा प्रभाव प्रदेश की जलापूर्ति व्यवस्था और विभागीय कार्यांे पर पड़ सकता है।
