– स्ट्रीट लाइट, नालियां, पार्क और आवास योजना के मुद्दे उठाए, समाधान नहीं होने पर बेमियादी धरने की चेतावनी
हनुमानगढ़। टाउन के वार्ड 33 की विभिन्न नागरिक समस्याओं को लेकर सोमवार को आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र बेनीवाल के नेतृत्व में नगर परिषद आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आवास योजना की एक फाइल को लेकर नगर परिषद के कर्मचारी और आप कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल गर्मा गया। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। आम आदमी पार्टी के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सुभाष पारीक ने आरोप लगाया कि नगर परिषद से जुड़ी समस्याओं को लेकर पार्टी की ओर से कई बार लिखित ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सोमवार को एक बार फिर वार्ड 33 की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से मुलाकात कर दस सूत्री मांगपत्र सौंपा गया। उन्होंने बताया कि गुरुनानक नगर कॉलोनी के अप्रूव्ड नहीं होने के कारण वहां पट्टे जारी नहीं हो रहे हैं और सड़क, नाली जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास भी प्रभावित है। इसके अलावा वार्ड 33, पारीक कॉलोनी और दशमेश नगर में स्ट्रीट लाइट लगाने, पारीक कॉलोनी में पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड उपलब्ध कराने, बंद पड़ी नालियों की सफाई कराने तथा बच्चों के लिए पार्क विकसित करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुभाष पारीक ने आरोप लगाया कि एक जरूरतमंद व्यक्ति की आवास योजना से संबंधित फाइल पिछले करीब छह माह से लंबित है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी भारतभूषण से इस संबंध में बात करने पर अधिकारी ने संबंधित व्यक्ति के साथ अभद्र व्यवहार किया और उसे धमकाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी मंगलवार से आम आदमी पार्टी के बैनर तले नगर परिषद कार्यालय के बाहर बेमियादी धरना शुरू किया जाएगा।
कर्मचारी ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर नगर परिषद कर्मचारी भारतभूषण ने आप कार्यकर्ताओं के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि संबंधित आवास योजना की फाइल रेखा देवी के नाम से लगाई गई थी, जिसे 17 जून को स्वीकृति मिल चुकी है और वर्तमान में उसका बिल प्रोसेसिंग में है। उन्होंने कहा कि भुगतान की प्रक्रिया जारी है। भारतभूषण का आरोप है कि इस मामले को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बहस की, काम नहीं करने के आरोप लगाए तथा उन्हें धमकाने और उकसाने का प्रयास किया।
