हरियाणा/हिसार। हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि कुरुक्षेत्र शहर के नागरिकों का लंबे समय से प्रतीक्षित ड्रीम प्रोजेक्ट अब साकार होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र बाईपास परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। दक्षिणी फेज में 27.9 किलोमीटर लंबे इस बाईपास के निर्माण पर लगभग 2071 करोड़ रुपये की लागत आएगी। बाईपास बनने से शहरवासियों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और क्षेत्र के आर्थिक व शहरी विकास को नई गति मिलेगी। पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की मंजूरी पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बाईपास ज्योतिसर के निकट से शुरू होकर गांव किरमच, अमीन होते हुए गांव मथाना तक जाएगा। 27.9 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को दो नहरों और एक रेलवे लाइन के ऊपर से क्रॉस कराया जाएगा। परियोजना के लिए लगभग 100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। सुभाष सुधा ने बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने बाईपास परियोजना के लिए तीन अलग-अलग विकल्प तैयार किए थे। इन सभी विकल्पों का तकनीकी, पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक मानकों के आधार पर विस्तृत मूल्यांकन किया गया। खूबियों और कमियों के तुलनात्मक विश्लेषण के बाद दक्षिण दिशा में प्रस्तावित 27.9 किलोमीटर लंबे बाईपास को सबसे उपयुक्त मानते हुए चयनित किया गया। उन्होंने कहा कि बाईपास बनने से कुरुक्षेत्र शहर के भीतर यातायात का दबाव काफी कम होगा। विशेष रूप से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण शहर में लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलेगी। साथ ही यह परियोजना शहर के भविष्य के विस्तार और विकास के लिए भी नए अवसर प्रदान करेगी। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि यह बाईपास न केवल ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएगा बल्कि जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। इससे व्यापार, परिवहन और निवेश की संभावनाएं मजबूत होंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र की जनता को बाईपास के रूप में एक बड़ी सौगात दी है, जिससे लोगों का वर्षों पुराना सपना पूरा होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिहोवा–कुरुक्षेत्र–यमुनानगर हाईवे (एसएच-6) के कुरुक्षेत्र बाईपास हिस्से का निर्माण प्लान तैयार हो चुका है। यह मार्ग एसएच-6 पर ज्योतिसर के निकट जंक्शन से शुरू होकर एमडीआर-119 और एनएच-44 के साथ जिले को जोड़ते हुए मथाना गांव के निकट समाप्त होगा। परियोजना के पूर्ण होने पर ट्रैफिक जाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
संवाददाता- राजेश सलूजा
