– अवैध कब्जा हटाने, विरासत दर्ज करने और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग; शुक्रवार को कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
हनुमानगढ़। ग्राम पक्का सारना के अनुसूचित जाति खातेदारों ने संयुक्त खातेदारी भूमि पर कथित अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और राजस्व रिकॉर्ड में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से न्याय की मांग की है। खातेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक आंदोलन के साथ-साथ इच्छा मृत्यु की मांग करने के लिए भी मजबूर होंगे। इस संबंध में शुक्रवार को जिला कलक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रार्थियों का आरोप है कि ग्राम पक्का सारना स्थित चक 25 एलएलडब्ल्यू की अनुसूचित जाति खातेदारी संयुक्त भूमि पर कुछ लोगों ने संदिग्ध दस्तावेजों और कथित रूप से अपूर्ण तथ्यों के आधार पर अधिकार स्थापित करने का प्रयास किया है। उनका कहना है कि संयुक्त खातेदारी भूमि से जुड़े कई वैधानिक वारिसों और सहखातेदारों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं में पक्षकार नहीं बनाया गया, जिससे उनके अधिकार प्रभावित हुए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित भूमि के मामले में राजस्थान काश्तकारी अधिनियम, 1955 की धारा 183-बी के तहत प्रकरण पहले से विचाराधीन है। साथ ही धारा 42 के उल्लंघन का भी आरोप लगाया गया है। प्रार्थियों का कहना है कि अनुसूचित जाति खातेदारी भूमि के अवैध हस्तांतरण और कब्जे की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। खातेदारों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में कुछ व्यक्तियों द्वारा विवादित भूमि पर खेती की जा रही है और गेहूं की फसल की कटाई भी कर ली गई है, जिससे वास्तविक खातेदारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड, न्यायालयीन दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान कर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में फर्जी एवं संदिग्ध विक्रय दस्तावेजों, न्यायालयीन डिग्रियों और राजस्व अभिलेखों की जांच, विरासत इंतकाल दर्ज करने, अवैध कब्जाधारियों को बेदखल करने तथा दोषियों के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। प्रार्थियों ने प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि उन्हें खेतों में जाने, खेती करने तथा अपने अधिकारों की रक्षा करने में बाधाओं और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो तहसील कार्यालय पर धरना, जिला कलक्टर एवं संभागीय आयुक्त को ज्ञापन, अनुसूचित जाति आयोग और मानवाधिकार आयोग में शिकायत सहित चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रार्थी अमीचंद पुत्र पन्ना उर्फ पन्नाराम, चेतराम पुत्र पन्ना उर्फ पन्नाराम तथा अन्य खातेदारों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर अनुसूचित जाति खातेदारों एवं वैधानिक वारिसों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
