– कांग्रेस के उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार मारवाल ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपा मांगपत्र, सामाजिक भागीदारी के आधार पर टिकट देने की अपील
हनुमानगढ़। आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर आवाज उठने लगी है। कांग्रेस के उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार मारवाल ने जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मनीष मक्कासर को पत्र सौंपकर निकाय एवं आगामी पंचायती राज चुनावों में पारदर्शी टिकट वितरण तथा सभी समाजों को समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि टिकट चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ संगठन में योगदान, सक्रियता, स्थानीय जनाधार और योग्य कार्यकर्ताओं को भी उचित महत्व दिया जाना चाहिए। मारवाल ने पत्र में कहा कि हाल ही में हुए निकाय चुनावों में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के एक बड़े वर्ग में यह भावना रही कि सभी समाजों को समान राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के बजाय कुछ सामाजिक समूहों को अपेक्षाकृत अधिक अवसर मिले। इससे लंबे समय से संगठन के लिए कार्य कर रहे कई समर्पित कार्यकर्ताओं में निराशा उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर भी कार्यकर्ताओं में यह आशंका है कि यदि टिकट वितरण में पूर्व की व्यवस्था दोहराई गई और किसी एक सामाजिक समूह को अपेक्षाकृत अधिक टिकट दिए गए तो पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी समाज के विरोध में नहीं है, बल्कि सभी समाजों को सम्मान और समान राजनीतिक अवसर देने के पक्ष में है। मारवाल ने कहा कि कांग्रेस के सामाजिक न्याय और समान भागीदारी के विचारों को टिकट वितरण में भी व्यवहारिक रूप से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा सामाजिक न्याय और ‘जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी’ के विचार को प्रमुखता दिए जाने का उल्लेख करते हुए हनुमानगढ़ जिले में भी इसी भावना के अनुरूप संतुलित एवं न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की।
इन बिंदुओं पर की मांग
पंचायती राज चुनावों में टिकट वितरण पारदर्शी एवं न्यायपूर्ण तरीके से किया जाए।
किसी एक समाज को बार-बार अपेक्षाकृत अधिक राजनीतिक अवसर नहीं दिए जाएं।
विभिन्न समाजों के योग्य एवं सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
टिकट चयन में संगठन के प्रति निष्ठा, जमीनी कार्य, जनाधार और सामाजिक प्रतिनिधित्व को महत्व दिया जाए।
कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी भावनाओं को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाया जाए।
हनुमानगढ़ जिले में पार्टी की सामाजिक न्याय एवं समान भागीदारी की नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
मारवाल ने पत्र में कहा कि उनका संघर्ष किसी जाति या समाज के विरुद्ध नहीं, बल्कि समान राजनीतिक अवसर और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी पंचायती राज चुनाव में भी पूर्व की तरह असंतुलित टिकट वितरण किया गया और कार्यकर्ताओं की भावनाओं एवं समान प्रतिनिधित्व की मांग की अनदेखी हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जन-जागरूकता और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा मामले को प्रदेश नेतृत्व के समक्ष भी रखा जाएगा।
