रावतसर। डॉ. अम्बेडकर नवयुवक संघ रावतसर ने उपखण्ड अधिकारी को विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी तथा कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित करने की मांग की है। संघ का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक विवाद नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान और वर्षों से संचालित गतिविधियों पर सीधा प्रहार है। संघ पदाधिकारियों के अनुसार अम्बेडकर पार्क में पिछले लगभग 50 वर्षों से सामाजिक, शैक्षणिक और जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा यहां अम्बेडकर भवन का निर्माण करवाया गया था तथा पार्क की चारदीवारी विधायक निधि से बनवाई गई थी। उस समय नगरपालिका की ओर से भवन निर्माण के बाद इसे संघ को सौंपने का आश्वासन दिया गया था।

संघ का दावा है कि दशकों से पार्क और भवन का रखरखाव, साफ-सफाई और संरक्षण वही करते आ रहे हैं। इसी परिसर में संघ ने करीब 15 लाख रुपये की लागत से एक लाईब्रेरी भी विकसित की है, जहां गरीब और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी नियमित अध्ययन कर रहे हैं। स्थानीय विधायक द्वारा लाईब्रेरी के लिए फर्नीचर और कुर्सियां उपलब्ध करवाई गई थीं। संघ का कहना है कि यह लाईब्रेरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनी हुई है। संघ के अनुसार करीब एक माह पूर्व नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी और कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया लाईब्रेरी में पहुंचे और पदाधिकारियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि संघ को वहां से हटने की चेतावनी दी गई तथा राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी गई।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 21 फरवरी 2026 को अम्बेडकर पार्क स्थित लाईब्रेरी में तोड़फोड़ की गई, सामान अस्त-व्यस्त किया गया और परिसर में कचरा डलवाकर गंदगी फैलाई गई। साथ ही बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीरों पर पेंट कर “मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र” लिखवा दिया गया, जिससे सामाजिक संगठनों में भारी नाराजगी है। संघ ने ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी हैं—अधिशाषी अधिकारी व संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर निष्पक्ष जांच करवाई जाए, अम्बेडकर भवन व लाईब्रेरी का संचालन संघ को सौंपा जाए तथा अम्बेडकर पार्क का पट्टा संघ के नाम जारी किया जाए। संघ ने प्रशासन को 4 मार्च 2026 तक का समय देते हुए चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर उपखण्ड कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस घटनाक्रम से रावतसर का सामाजिक व राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अब सबकी नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच पर टिकी हुई
