हनुमानगढ़। रायसिख महासभा (राजस्थान) की ओर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ शहर थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 263/2026 की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस अनुसंधान में अनावश्यक देरी होने से आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे पीड़िता को न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है। ज्ञापन के अनुसार, मामला एक नाबालिग बालिका से जुड़े गंभीर अपराध का है। महासभा का आरोप है कि पीड़िता को बहला-फुसलाकर विभिन्न स्थानों पर ले जाकर उसका शोषण किया गया तथा इस पूरे घटनाक्रम में कई लोगों की संलिप्तता होने के बावजूद सभी संदिग्धों को जांच में शामिल नहीं किया गया है। महासभा ने यह भी आरोप लगाया कि अनुसंधान में देरी के कारण महत्वपूर्ण तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्य, जैसे मोबाइल डेटा, वीडियो और अन्य सबूत नष्ट होने की आशंका बढ़ रही है। ऐसे में दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल संचालकों, कैफे संचालकों तथा कथित गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को तत्काल अनुसंधान में शामिल कर शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से कराई जाए, ताकि पीड़िता को समय पर न्याय मिल सके। रायसिख महासभा के जिलाध्यक्ष नजेन्द्र सिंह सवाणा ने कहा कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाज आगामी रणनीति तय करने को बाध्य होगा। इस मौके पर आत्मासिंह, राजेन्द्र सिंह, दलवीर सिंह, काला सिंह, बलजीत सिंह, हरपाल सिंह, काकासिंह, सोनू मौजूद रहे।
