हनुमानगढ़। पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने शनिवार को जिले के होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशालाओं और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के संचालकों एवं प्रबंधकों की बैठक लेकर कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना पहचान सत्यापन किसी भी व्यक्ति को ठहरने के लिए कमरा उपलब्ध नहीं कराया जाए तथा प्रत्येक अतिथि का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से ई-विजिटर पोर्टल पर दर्ज किया जाए। एसपी ने कहा कि होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति की मूल पहचान-पत्र (फिजिकल आईडी) की जांच एवं सत्यापन करने के बाद ही कमरा आवंटित किया जाए। संबंधित प्रतिष्ठानों का ई-विजिटर पोर्टल पर पंजीकरण कराया जाएगा, जिसके बाद प्रत्येक अतिथि का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे किसी भी आपराधिक घटना के बाद संदिग्ध व्यक्तियों की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी में पुलिस को मदद मिलेगी। बैठक में एसपी ने जिले में अपराध और नशे की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए होटल संचालकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर दें। उन्होंने हाल ही में पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर में एक बालिका से जुड़े गंभीर अपराध का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी को सतर्क और जिम्मेदार रहना होगा। बैठक के दौरान होटल एवं धर्मशाला संचालकों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने संबंधी अपने सुझाव पुलिस प्रशासन के समक्ष रखे। इस मौके पर अरोड़वंश सभा टाउन के अध्यक्ष रामलुभाया तिन्ना, संजय जैन सहित जिले के अनेक होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशाला संचालक मौजूद रहे।
