रावतसर। रबी फसल के पीक सीजन को देखते हुए कृषि उपज मंडी समिति रावतसर ने मंडी में खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया को लेकर व्यापारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंडी समिति के सचिव सुरेन्द्र कुमार द्वारा जारी कार्यालय आदेश में सभी अनुज्ञापत्रधारी ‘क’ वर्ग दलालों, व्यापारियों तथा संयुक्त व्यापारी फर्मों को मंडी नियमों की अनिवार्य रूप से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार मंडी परिसर में कृषि जिंसों की नीलामी पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही की जा रही है। ऐसे में सभी क्रेता व्यापारियों को समय पर मंडी पहुंचकर नीलामी प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य होगा। मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बोली से पहले या बोली के बाद किसी भी प्रकार की कृषि जिंस की खरीद-फरोख्त पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मंडी समिति ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यापारी बोली समय से बाहर खरीद, बिक्री या तौल करते हुए पाया जाता है तो संबंधित फर्म के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसका अनुज्ञापत्र (लाइसेंस) निलंबित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित फर्म की होगी। इसके अलावा मंडी परिसर की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। व्यापारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडी प्रांगण में बने तीनों शेडों के नीचे गेहूं का दड़ा (भंडारण) नहीं किया जाए, ताकि किसानों द्वारा लाई गई अन्य कृषि जिंसों की ढेरियां लगाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। मंडी समिति ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करते हुए मंडी व्यवस्था में सहयोग करें, जिससे किसानों और व्यापारियों दोनों को पारदर्शी व व्यवस्थित व्यवस्था का लाभ मिल सके।
