हनुमानगढ़। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका, शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर विस्तार से विचार व्यक्त किए गए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल बहन रजनी रही।

इस अवसर पर काजल बहन, शिवानी बहन, रिया बहन और हिमांशी बहन द्वारा एक नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें शिक्षा के महत्व को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी शीला दीदी ने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। चाहे सामाजिक क्षेत्र हो, राजनीति, इंजीनियरिंग या शिक्षा—हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की नारी देश और समाज को संवारने का श्रेष्ठ कार्य कर रही है, लेकिन इसके साथ-साथ अपने जीवन को भी श्रेष्ठ और चरित्रवान बनाना आवश्यक है।

उन्होंने परिवार में बच्चों को अच्छे संस्कार देने और उन्हें सुसंस्कृत बनाने पर भी जोर दिया, जो राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से संभव है। ब्रह्माकुमारी किरण बहन ने बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान इसका एक जीवंत उदाहरण है, जहां संस्था का संचालन मुख्य रूप से बहनों द्वारा किया जाता है। उन्होंने कहा कि बहनों में सहनशीलता, दिव्यता और अनेक आध्यात्मिक शक्तियां निहित होती हैं, जिसके कारण यह संस्था विश्वभर में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का कार्य कर रही है। मुख्य अतिथि प्रिंसिपल रजनी बहन ने भी राजयोग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राजयोग के अभ्यास से व्यक्ति के भीतर सकारात्मक चिंतन विकसित होता है और नकारात्मक विचार समाप्त हो जाते हैं। इससे जीवन की समस्याएं समाधान का रूप ले लेती हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को ईश्वरीय सौगात भेंट की गई। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक और प्रेरणादायी रहा।
