हनुमानगढ़। टाउन की फूडग्रेन मर्चंट्स एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल की अध्यक्षता में संस्था कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में आगामी गेहूं खरीद सीजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। व्यापारियों ने मंडी में जगह, उठाव और यातायात व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में सभी व्यापारियों ने सहमति जताई कि सरकार की नई व्यवस्था के तहत हैंडलिंग, सिलाई सहित लेबर से जुड़े कार्य कच्चा आढ़तियों के माध्यम से बेहतर तरीके से किए जाएंगे। व्यापारियों का कहना था कि उन्हें लेबर कार्यां का पर्याप्त अनुभव है और वे इन कार्यां को सुचारू रूप से संभाल सकते हैं। उन्होंने मांग की कि मंडी में लेबर से संबंधित समस्त कार्य कच्चा आढ़तियों के माध्यम से ही करवाए जाएं, हालांकि इसके लिए ईपीएफ या ईएसआईसी बीमा जैसी बाध्यता नहीं होनी चाहिए।

बैठक में यह भी कहा गया कि इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है, जिससे पिछले वर्ष की तुलना में मंडी में अधिक आवक होने की संभावना है। संस्था सचिव दलीप सिंह ढिल्लों ने बताया कि मंडी में इस बार सरकार की ओर से पांच एजेंसियों के माध्यम से गेहूं की खरीद करवाई जाएगी। हालांकि व्यापारियों की मांग थी कि खरीद एफसीआई के माध्यम से हो, लेकिन जिला कलक्टर की ओर से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया है।

इसके बाद व्यापारी मंडी को पांच ब्लॉक में विभाजित कर खरीद प्रक्रिया संचालित करने पर सहमत हो गए। व्यापारियों ने गेहूं की सरकारी खरीद पर प्रति क्विंटल 150 रुपए बोनस घोषित करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। बैठक में खाद्य व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष अजय सर्राफ सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
