हनुमानगढ़। महर्षि दयानंद सरस्वती के जन्मदिन के उपलक्ष्य में आर्य युवा समाज टाउन के बच्चों द्वारा 11 कुंडीय हवन यज्ञ कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। यह हवन यज्ञ टाउन की 11 अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न दिनों में संपन्न हुए, जिनके माध्यम से लोगों को महर्षि दयानंद की वैदिक विचारधारा, सामाजिक सुधार एवं राष्ट्रनिर्माण के संदेश से अवगत कराया गया। कार्यक्रम का प्रथम हवन यज्ञ हिसारिया मार्केट में सचदेवा और मिड्ढा परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

इसके पश्चात सनसिटी, रिचवुड विला, भूनावाली ढाणी, नन्दराम की ढाणी स्थित गोशाला, टिब्बी, ग्रीन सिटी (अखिलेश छाबड़ा के निवास), नई आबादी में बेनीवाल एवं आहुजा परिवार तथा अल्फा सिटी में धींगड़ा परिवार के सहयोग से हवन यज्ञ संपन्न हुए। प्रत्येक स्थान पर कॉलोनीवासियों ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए वैदिक परंपराओं के संरक्षण का संकल्प दोहराया। श्रृंखला का अंतिम हवन यज्ञ डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल में आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालय के प्राचार्य परमजीत कुमार ने संबोधित करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद की सोच थी कि भारत की संस्कृति और विरासत कहीं विलुप्त न हो जाए।

इसी उद्देश्य से वर्ष 1886 में लाहौर में डीएवी संस्था की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि महान क्रांतिकारी भगत सिंह सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानी दयानंद की विचारधारा से प्रेरित रहे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के तीन प्रधानमंत्रियों ने डीएवी संस्थानों से शिक्षा प्राप्त की है। भारत को पहला क्रिकेट विश्व कप दिलाने वाले कपिल देव तथा दूसरा विश्व कप जिताने वाले महेंद्र सिंह धोनी भी डीएवी के विद्यार्थी रहे हैं।

प्राचार्य ने कहा कि आज हर क्षेत्र में डीएवी के विद्यार्थी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। हाल ही में विद्यालय के एक छात्र ने यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है, जो संस्था के लिए गर्व का विषय है। कार्यक्रम के समापन पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व कल्याण और समाज में नैतिक मूल्यों के प्रसार की कामना की गई।
