हनुमानगढ़। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एलआईसी ने एक महत्वपूर्ण और अनूठी पहल करते हुए “महिला करियर एजेंट – बीमा सखी” योजना की शुरुआत की है। यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए तैयार की गई है जो अपने परिवार के साथ-साथ स्वयं के भविष्य को भी सुरक्षित और सुदृढ़ बनाना चाहती हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और उन्हें बीमा क्षेत्र में पेशेवर पहचान दिलाना है। एलआईसी के अनुसार, बीमा सखी के रूप में कार्य करने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा, ताकि वे बीमा सलाहकार के रूप में सफल करियर बना सकें।
योग्यता और चयन प्रक्रिया
बीमा सखी योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए महिला अभ्यर्थी की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होना आवश्यक है। शैक्षणिक योग्यता न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है।

इसके अतिरिक्त, अभ्यर्थी को बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDA) द्वारा आयोजित प्री-रिक्रूटमेंट टेस्ट उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। योजना की एक प्रमुख शर्त यह भी है कि अभ्यर्थी किसी भी संस्था में नियमित रूप से कार्यरत न हो तथा उसकी कोई स्थायी मासिक आय का स्रोत न हो। साथ ही, वह पहले से एलआईसी की एजेंट न रही हो और न ही निगम के किसी अधिकारी, कर्मचारी या एजेंट की निकट संबंधी हो। इन मानकों का उद्देश्य पारदर्शिता और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करना है।
आर्थिक लाभ और प्रोत्साहन
बीमा सखी योजना के तहत चयनित महिलाओं को प्रारंभिक वर्षों में आकर्षक स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। पहले वर्ष में 7,000 रुपये प्रति माह, दूसरे वर्ष में 6,000 रुपये प्रति माह और तीसरे वर्ष में 5,000 रुपये प्रति माह की राशि दी जाएगी। यह राशि उनके कार्य निष्पादन और निर्धारित मानकों की पूर्ति पर आधारित होगी। इसके अतिरिक्त, व्यवसाय के आधार पर मिलने वाला कमीशन अलग से देय होगा, जिससे महिलाओं की आय में वृद्धि की संभावना बनी रहेगी। योजना के तहत प्रति 24 माह में न्यूनतम 48,000 रुपये का कमीशन अर्जित करना तथा प्रति माह कम से कम एक पॉलिसी सक्रिय रखना आवश्यक होगा। दूसरे और तीसरे वर्ष में कम से कम 65 प्रतिशत पॉलिसियों का इनफोर्स (सक्रिय) रहना अनिवार्य है।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना न केवल महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराएगी, बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बीमा जागरूकता भी बढ़ाएगी। इससे परिवारों में वित्तीय सुरक्षा का दायरा विस्तृत होगा और महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता में भी वृद्धि होगी। बीमा सखी योजना महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन स्थापित करने का अवसर देती है। लचीले कार्य समय और प्रदर्शन आधारित आय संरचना के कारण यह योजना गृहिणियों, सेवानिवृत्त महिलाओं तथा स्वरोजगार की इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकती है। एलआईसी की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। यदि यह योजना व्यापक स्तर पर सफल होती है, तो यह हजारों महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
