महिला दिवस के उपलक्ष्य में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय, जंक्शन व्यापार मंडल धर्मशाला में हुई महत्वपूर्ण बैठक
हनुमानगढ़। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समाज में महिला सुरक्षा एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति द्वारा एक व्यापक “महिला सुरक्षा एवं जागरूकता महाअभियान” की शुरुआत की जा रही है। इस महाअभियान के सफल क्रियान्वयन और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए जंक्शन स्थित व्यापार मंडल धर्मशाला में समिति सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की रणनीति, उद्देश्य, कार्ययोजना एवं समाज में इसकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता समिति की महिला अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। यद्यपि सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं, परंतु इन कानूनों की जानकारी और उनके सही उपयोग के प्रति जागरूकता का अभाव आज भी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाएं अपने अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी प्रावधानों के प्रति स्वयं जागरूक नहीं होंगी, तब तक वास्तविक सशक्तिकरण संभव नहीं है।
अभियान का उद्देश्य और दृष्टिकोण
अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने बताया कि इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य समाज की प्रत्येक महिला और बेटी तक पहुंच बनाकर उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी सुरक्षा प्रावधानों और आत्मरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करना है। समिति का लक्ष्य है कि यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न बनकर एक जनआंदोलन का रूप ले, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए केवल प्रशासनिक सख्ती पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक चेतना का जागरण भी उतना ही आवश्यक है। महिलाओं को यह समझना होगा कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, भेदभाव या हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का पूर्ण अधिकार रखती हैं। इसी सोच को समाज के हर घर तक पहुंचाने के लिए यह महाअभियान प्रारंभ किया जा रहा है।
जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा
बैठक में अभियान के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। समिति द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थलों और विभिन्न सामाजिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबरों, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा, घरेलू हिंसा कानून, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संबंधित प्रावधानों सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, समिति द्वारा घर-घर संपर्क अभियान चलाने, पंपलेट वितरण, संगोष्ठियों और परामर्श शिविरों के आयोजन की भी योजना बनाई गई है। समिति की सदस्याएं विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में जाकर महिलाओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगी, ताकि वे खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर सकें और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें।
समाज की भूमिका पर बल
सुनीता अग्रवाल ने कहा कि महिला सुरक्षा केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुरुषों, युवाओं और परिवारों को भी इस अभियान से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं के प्रति सम्मान और सुरक्षा का वातावरण सुदृढ़ हो सके। उन्होंने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने के साथ-साथ अपने बेटों को भी महिलाओं के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाएं। उन्होंने यह भी कहा कि समिति का प्रयास रहेगा कि इस अभियान के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास का संचार हो और वे किसी भी प्रकार की प्रतिकूल परिस्थिति में घबराने के बजाय उचित कदम उठाने के लिए तैयार रहें।
सदस्यों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में समिति के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया। उपाध्यक्ष अनुपमा विजय ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं और समिति इस दिशा में प्रतिबद्ध है। सचिव मोनिका जिंदल ने अभियान की प्रशासनिक तैयारियों और कार्यक्रमों के समन्वय की जानकारी दी।

कोषाध्यक्ष रेखा बंसल ने वित्तीय प्रबंधन और संसाधनों की व्यवस्था पर प्रकाश डाला। संगठन मंत्री वनिता सिंगला, लीजा गोयल, समिति सलाहकार श्यामसुंदर झंवर, अमृत गोयल, मोहित बलाडिया सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने सुझाव प्रस्तुत किए और क्षेत्रवार जिम्मेदारियां लेने की सहमति जताई। सभी सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि यह अभियान केवल समिति का नहीं, बल्कि पूरे समाज का अभियान है और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक सदस्य पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेगा।
महिलाओं से जुड़ने की अपील
अंत में महिला अध्यक्ष सुनीता अग्रवाल ने सभी महिलाओं और बालिकाओं से इस महाअभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं को केवल जागरूक करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रमों में भाग लें, अपनी समस्याएं साझा करें और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला दिवस के पावन अवसर पर प्रारंभ किया जा रहा यह महाअभियान निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगा। समिति का लक्ष्य है कि आने वाले समय में यह अभियान निरंतर चलता रहे और महिला सुरक्षा एवं सम्मान को लेकर एक मजबूत सामाजिक वातावरण का निर्माण हो। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने महिला सुरक्षा और जागरूकता के इस महाअभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। समिति द्वारा शीघ्र ही अभियान की औपचारिक शुरुआत कर विभिन्न चरणों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस प्रकार, महिला एवं बाल कल्याण सेवा समिति द्वारा उठाया गया यह कदम समाज में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए, तो निस्संदेह महिलाओं के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और सशक्त वातावरण का निर्माण संभव हो सकेगा।
