-राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़ी भीड़, 1 लाख से अधिक मामलों का समझौते से निस्तारण
हनुमानगढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में शनिवार को जिले में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला मुख्यालय सहित समस्त तालुकाओं में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण करते हुए आमजन को त्वरित न्याय प्रदान किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन के लिए हनुमानगढ़ जिले में जिला मुख्यालय और तालुकाओं को मिलाकर कुल 13 बैंचों का गठन किया गया था। इन बैंचों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई करते हुए आपसी समझौते के आधार पर उनका निस्तारण किया गया।

इस राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य फौजदारी मामलों, सिविल प्रकरणों, बैंक एवं अन्य वित्तीय संस्थानों के प्री-लिटिगेशन मामलों, राजस्व संबंधी मामलों सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़े मामलों को शामिल किया गया। लोक अदालत के माध्यम से कुल 1,02,392 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में लगभग 28 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक राशि के अवार्ड पारित किए गए। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का समाधान होने से न्यायालयों में लंबित मामलों का भार कम हुआ है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिली है। साथ ही, पक्षकारों को अपने विवादों का त्वरित और सरल समाधान भी प्राप्त हुआ। लोक अदालत में पारित निर्णयों की विशेषता यह है कि वे अंतिम और स्थायी होते हैं तथा इनके विरुद्ध किसी भी स्तर पर अपील का प्रावधान नहीं होता।

यही कारण है कि लोक अदालत को त्वरित एवं प्रभावी न्याय की व्यवस्था के रूप में देखा जाता है। इस आयोजन से विभिन्न वित्तीय संस्थानों जैसे बैंक, बीमा कंपनियों, विद्युत विभाग आदि को भी राजस्व की प्राप्ति हुई। बड़ी संख्या में प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण होने से संभावित न्यायालयी विवादों को भी प्रारंभिक स्तर पर ही समाप्त कर दिया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में आमजन और पक्षकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपने लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति से समाधान करवाया। लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निस्तारण से पक्षकारों के समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्यायिक प्रक्रिया भी सरल और त्वरित बनती है। जिला मुख्यालय पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला एवं सेशन न्यायाधीश तनवीर चौधरी, पारिवारिक न्यायाधीश अशोक कुमार टाक, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया, न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी अग्रवाल, अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा गोयल तथा स्थाई लोक अदालत सदस्य एडवोकेट रमेश कुमार मोदी सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त एलएडीसी अधिवक्तागण, बार संघ हनुमानगढ़ के अधिवक्ता, विभिन्न राजकीय विभागों के अधिकारी, राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधि, बीमा कंपनियों के अधिकारी, जोधपुर डिस्कोम, बीएसएनएल सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी लोक अदालत में उपस्थित रहे और मामलों के निस्तारण में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इस प्रकार के आयोजनों से जहां एक ओर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, वहीं दूसरी ओर आमजन को सुलभ, त्वरित और कम खर्च में न्याय प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
