हनुमानगढ़। राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों ने नई बसों की खरीद, रिक्त पदों पर भर्ती और हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर रोडवेज बस स्टैंड बनाने की मांग को लेकर बुधवार को जंक्शन मुख्य बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार से रोडवेज बेड़े को मजबूत करने और आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान रोडवेज सीटू यूनियन के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी एवं ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन के जनरल कौंसिल सदस्य श्योदानराम शेषमा ने कहा कि हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर रोडवेज का बस स्टैंड नहीं है, जबकि छोटे-छोटे कस्बों में रोडवेज बस स्टैंड बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आए दिन अनुबंध पर बसें ले रही है, जबकि रोडवेज के स्थायी बेड़े और कर्मचारियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2004 में रोडवेज के पास करीब 4500 बसें और करीब 24 हजार कर्मचारी थे। वर्तमान में कर्मचारियों की संख्या घटकर करीब 10 हजार रह गई है तथा बसों की संख्या भी करीब 2500 है। इनमें करीब एक हजार बसें अनुबंध पर चल रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ बसें कंडम हो चुकी हैं और संचालन की स्थिति में नहीं हैं। शेषमा ने सरकार से हनुमानगढ़ में जल्द रोडवेज बस स्टैंड बनाने, कम से कम 2500 नई रोडवेज बसें खरीदने तथा रिक्त पड़े चालक-परिचालक के 12 हजार पदों पर भर्ती करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने के साथ आमजन को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर राजस्थानभर में अभियान चलाया जा रहा है और विभिन्न डिपो पर प्रदर्शन कर सरकार का ध्यान मांगों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। शेषमा ने कहा कि श्रमिक कानूनों में बदलाव के विरोध और सार्वजनिक क्षेत्र को बढ़ावा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर 1, 2 और 3 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान से रैली निकाली जाएगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान तीन दिन तक संसद घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों के विरोध में भी आंदोलन के माध्यम से आवाज उठाई जाएगी।
