श्रीगंगानगर। जनसुनवाई के दौरान हुए कथित मारपीट विवाद के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए हाई-लेवल कमेटी गठित कर दी है। कमेटी के अध्यक्ष यूडीएच शासन सचिव रवि जैन बनाए गए हैं। कमेटी शुक्रवार देर रात श्रीगंगानगर सर्किट हाउस पहुंची और शनिवार सुबह भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी तथा राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा सहित संबंधित अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की। जांच के बाद रवि जैन ने बताया कि सभी पक्षों से तथ्य जुटाए गए हैं और विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और सामने आई शिकायतों की अलग से समीक्षा की जाएगी।
दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी
विधायक जयदीप बिहाणी ने जांच कमेटी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और एलएंडटी पर निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शहर में हुए कार्यों की व्यापक जांच करवाई जाएगी और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर संसाधन जुटाए जाएंगे। वहीं
एईएन जगनलाल बैरवा ने विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके साथ कोई मारपीट नहीं की गई, बल्कि विधायक ने ही उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। बैरवा के अनुसार, उन्हें कथित तौर पर थप्पड़ मारे गए और समर्थकों द्वारा मारपीट की गई।
घटना का पृष्ठभूमि
गुरुवार को जनसुनवाई के दौरान विधायक और राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट अधिकारियों के बीच विवाद हुआ था। विधायक ने आरोप लगाया था कि
एईएन सहित तीन अधिकारियों ने उनके साथ मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं और चश्मा टूट गया। इस पर पुलिस ने एईएन जगनलाल बैरवा, प्रोजेक्ट मैनेजर शहनवाज और L&T के प्लानिंग मैनेजर सोहम को गिरफ्तार किया था। हालांकि शुक्रवार को तीनों को जमानत मिल गई। जमानत के बाद अधिकारियों ने भी मीडिया के सामने विधायक पर मारपीट के आरोप लगाए, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
सर्किट हाउस पर विरोध और शिकायतें
जांच कमेटी के सर्किट हाउस पहुंचने पर विधायक के समर्थन में वाल्मीकि समाज के सैकड़ों लोग पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने भी एलएंडटी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज कराई।
आगे की कार्रवाई
जांच कमेटी अब सभी बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी।
