ऐलनाबाद। सी.आर.डी.ए.वी. गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने विज्ञान की आधुनिक तकनीकों से रूबरू होने और उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित होने के उद्देश्य से चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) के बायोटेक्नोलॉजी विभाग का शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भूषण मोंगा के दिशा-निर्देशों तथा सहायक प्राध्यापिका शैफी सरदाना के नेतृत्व में संपन्न हुआ। छात्राओं ने विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय ‘कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम’ में सक्रिय सहभागिता की। इस शैक्षणिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बायोटेक्नोलॉजी के उभरते क्षेत्रों, अनुसंधान की आधुनिक विधियों और करियर की संभावनाओं से अवगत कराना था।

बायोटेक्नोलॉजी विभाग के वरिष्ठ शिक्षाविदों प्रो. सुरेश कुमार गहलावत, प्रो. प्रियंका सिवाच, प्रो. जे.एस. दुहन, प्रो. राज कुमार सलार तथा डॉ. प्रदीप साध ने छात्राओं को बायोटेक्नोलॉजी के व्यापक स्कोप और इसमें उपलब्ध करियर अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में बताया कि आने वाले समय में फूड टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, बायोइन्फॉर्मेटिक्स और जेनेटिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में बायोटेक्नोलॉजी की डिग्री छात्राओं के लिए रोजगार और शोध के अपार अवसर खोल सकती है। डॉ. प्रदीप साध ने विशेष रूप से लैब प्रोटोकॉल, सेफ्टी मानकों और अनुसंधान में अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा छात्राओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस शैक्षणिक भ्रमण की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि छात्राओं को केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया। उन्हें विश्वविद्यालय की सेंट्रल लैब सहित बायोटेक्नोलॉजी की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण कराया गया।

पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों और पीएच.डी. स्कॉलर्स की देखरेख में छात्राओं ने स्वयं कई प्रयोग (एक्सपेरिमेंट्स) किए, जिससे उनका व्यावहारिक ज्ञान और प्रयोगात्मक कौशल सुदृढ़ हुआ। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. भूषण मोंगा ने इस शैक्षणिक दौरे को छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम छात्राओं के दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं। जब छात्राएं किताबी ज्ञान के साथ-साथ विश्वविद्यालय स्तर की प्रयोगशालाओं में स्वयं प्रयोग करती हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य में एक कुशल वैज्ञानिक, शोधकर्ता या प्रोफेशनल बनने के लिए प्रेरित होती हैं। कुल मिलाकर, यह शैक्षणिक भ्रमण छात्राओं के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और करियर उन्मुख सिद्ध हुआ, जो उनके अकादमिक विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
