ऐलनाबाद/हनुमानगढ़।श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय द्वारा छात्र कल्याण क्लब स्पंदन के अंतर्गत संचालित सद्भाव क्लब के संयोजन में सिरसा रोड स्थित सेतिया मैरिज पैलेस, ऐलनाबाद में आयोजित “गुरु-शिष्य सम्मान समारोह-2026” विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी आयोजन साबित हुआ। समारोह में बारहवीं कक्षा में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 1500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके गुरुजन एवं अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष बना दिया।

पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिक मूल्यों तथा व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। श्री गुरु गोविंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता केवल अच्छे अंकों से नहीं, बल्कि अनुशासन, सकारात्मक सोच, उत्कृष्ट संस्कार और निरंतर परिश्रम से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने तथा चुनौतियों का डटकर सामना करने की प्रेरणा दी। साथ ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और जंक फूड से दूरी बनाए रखने का संदेश भी दिया। विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश कुमार जुनेजा ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 12 हजार से अधिक विद्यार्थी विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने योग के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है तथा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय कृषि मेले का सफल आयोजन किया गया। खेलों में भी विद्यार्थियों ने 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर संस्थान का नाम रोशन किया है। समारोह के मुख्य वक्ता एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करना अत्यंत सराहनीय पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, आत्मविश्वास और निरंतर सीखने की आदत विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि माता-पिता के संघर्ष और त्याग का सम्मान करना प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य है। इस अवसर पर समाजसेवी कृष्ण शेखावत (बबलू शेखावत), मास्टर बलदेव, सुभाष सोलंकी, वीरेंद्र भादू, एडवोकेट राकेश बब्बर, बनवारी सहारण, रचना, डॉ. सतवीर सूर्यवंशी, राजेंद्र शर्मा, भूपेंद्र सिंह एवं शरणागत सिंह सहित अनेक शिक्षाविद, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय की यह पहल विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

उन्होंने विश्वविद्यालय को क्षेत्र के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, खेल और सामाजिक सरोकारों का प्रमुख केंद्र बताया। समारोह के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर, डॉ. सुनील बिरट, डॉ. बाबूलाल पारीक, सहायक कुलसचिव योगेंद्र स्वामी, अरविंद धामू, राजन अरोड़ा, प्रदीप चौहान, पूजा सुथार एवं सर्वप्रीत सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन अनिल जिज्ञासु एवं मदन लाल शर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने विश्वविद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए इसे शिक्षा और संस्कारों के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
