हनुमानगढ़। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर ग्राम पक्का सारणा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगों को लेकर ग्रामीणों ने भाजपा सांसद प्रत्याशी प्रियंका मेघवाल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान गांव के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता एवं जिला रेल यात्री वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी गोपी कृष्ण पांडिया के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने रेल सेवाओं के विस्तार और सुधार को लेकर पांच सूत्रीय मांगें प्रस्तुत कीं। ज्ञापन में प्रमुख रूप से हनुमानगढ़ को देश के प्रमुख शहरों से बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने की मांग उठाई गई। ग्रामीणों ने हनुमानगढ़ से नोहर, भादरा, रेवाड़ी और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली के लिए इंटरसिटी ट्रेन शुरू करने की मांग रखी, जिससे आमजन को आवागमन में सुविधा मिल सके। इसके साथ ही जबलपुर-निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस (12191/92) का रेवाड़ी, लोहारू और सादुलपुर रेलमार्ग के माध्यम से हनुमानगढ़ तक विस्तार करने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त बाड़मेर-ऋषिकेश एक्सप्रेस (14887/88) में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने, जैसलमेर/लालगढ़ से सूरतगढ़, पीलीबंगा, हनुमानगढ़ और बठिंडा मार्ग से हरिद्वार के लिए नई ट्रेन चलाने तथा श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस की गति बढ़ाकर उसमें वातानुकूलित कोच जोड़ने और उसे पूर्ण एक्सप्रेस का दर्जा दिलाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

ग्रामीणों ने कहा कि हनुमानगढ़ जिला लंबे समय से रेल सुविधाओं के विस्तार की प्रतीक्षा कर रहा है। वर्तमान में सीमित ट्रेनों के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि इन मांगों को पूरा किया जाता है, तो इससे न केवल स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान शिष्टमंडल में गोपी कृष्ण पांडिया के साथ मुकेश कुमार सोनी, हरीश माली और राजेश बिस्सु सहित कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गांव के लोगों ने भाग लिया और इन मांगों का जोरदार समर्थन किया। इस अवसर पर सांसद प्रत्याशी प्रियंका मेघवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को संबंधित विभागों और उच्च स्तर पर उठाएंगी तथा क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि रेलवे सुविधाओं का विस्तार क्षेत्र की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में सकारात्मक पहल की जाएगी। कार्यक्रम का समापन सामाजिक एकता और विकास के संकल्प के साथ हुआ, जहां ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और सुविधाओं के लिए आवाज बुलंद करने का संदेश दिया।
