ऐलनाबाद)। बेटियां किसी से कम नहीं हैं—यह संदेश सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से देखने को मिला। हरियाणा में बेटियों की बढ़ती भागीदारी, उनकी उपलब्धियों और महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा लागू योजनाओं को प्रदर्शनी के माध्यम से आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में आयोजित यह प्रदर्शनी ‘संकल्प से सिद्धि, चुनौती से संकल्प तक—बेटियों की नई पहचान, बदलाव की मिसाल’ विषय पर आधारित थी। मंगलवार को प्रदर्शनी के अंतिम दिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और महिलाओं ने पहुंचकर इसे देखा और सराहा। उल्लेखनीय है कि 8 मार्च को आयोजित राज्य स्तरीय महिला दिवस समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा था कि हर व्यक्ति को इसे अवश्य देखना चाहिए। ‘म्हारी बेटियां, म्हारा गौरव’ थीम पर आधारित इस प्रदर्शनी में हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी नीतियों, योजनाओं और उपलब्धियों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया।

विशेष रूप से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश में लिंगानुपात में आए सुधार, बेटियों की शिक्षा में बढ़ती भागीदारी और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों को प्रमुखता से दर्शाया गया। प्रदर्शनी में लगे बैनरों और एलईडी पैनलों के माध्यम से हरियाणा की उन बेटियों की प्रेरणादायक कहानियां भी सामने आईं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। इनमें अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवानों सहित अन्य सफल महिलाओं की उपलब्धियों को चित्रों और जानकारी के माध्यम से दर्शाया गया। इसके अलावा एआर और क्यूआर तकनीक के माध्यम से आगंतुकों को आधुनिक और रोचक अनुभव भी प्रदान किया गया। प्रदर्शनी में महिलाओं के कल्याण और आत्मनिर्भरता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। लाडो लक्ष्मी योजना, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहयोग तथा महिला कर्मचारियों के अवकाश में बढ़ोतरी जैसी पहलों को विस्तार से प्रस्तुत किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि प्रदेश में लाखों महिलाएं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हो रही हैं और उन्हें ऋण सुविधा व आर्थिक सहायता देकर स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। यह प्रदर्शनी केवल योजनाओं और आंकड़ों का प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही थी कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं—उन्हें केवल अवसर, सम्मान और प्रोत्साहन की आवश्यकता है। प्रदर्शनी देखने पहुंचे आगंतुकों ने इसे प्रेरणादायक बताया। नाथूसरी चोपटा के विशाल और परामर्श कॉलोनी के रहमत ने कहा कि हरियाणा की बेटियों की उपलब्धियों को देखकर गर्व महसूस होता है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी संदेश छोड़ते हुए यह प्रदर्शनी सफलतापूर्वक संपन्न हो गई।
संवाददाता- रमेश भार्गव
