– जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए सुबह से लगी श्रद्धालुओं की कतारें
हनुमानगढ़। सावन माह के पहले सोमवार को जिलेभर के शिवालयों में श्रद्धा और आस्था का संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही भगवान शिव के मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं रुद्राभिषेक कर सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और विश्व कल्याण की कामना की। श्रद्धालु अपने साथ गंगाजल, कच्चा दूध, दही, शहद, बेलपत्र, आक के फूल, धतूरा, भांग, चंदन, अक्षत और विभिन्न पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया तथा महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। जंक्शन और टाउन क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में दिनभर धार्मिक आयोजन चलते रहे। कई मंदिरों में रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, शिव चालीसा एवं शिव महिम्न स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया गया। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। जंक्शन स्थित शिव कुटिया में महिला मंडली की ओर से भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। शिव भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के भजनों का गायन करते हुए सावन के महत्व का गुणगान किया। सावन के पहले सोमवार के अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव की आराधना की। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण एवं दर्शन व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए गए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। विशेष रूप से सावन के सोमवार का व्रत एवं जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते जिलेभर के शिवालयों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और पूरा वातावरण शिवमय बना रहा।
