हनुमानगढ़। स्थानीय अनाज मंडी में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य यजमान रमन गर्ग, राजेन्द्र गर्ग, खेमचन्द गर्ग, अनुराग बंसल, सतीश बलिहारा और अमन सहारन द्वारा व्यास पीठ के विधि-विधान से पूजन एवं वंदना के साथ किया गया। कथा व्यास भागवत भास्कर साध्वी भाग्यश्री भारती जी ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब परमात्मा धर्म की स्थापना के लिए किसी न किसी रूप में अवतार लेते हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतार भी इसी उद्देश्य से हुआ था, ताकि समाज में सत्य, धर्म और न्याय की स्थापना हो सके। जैसे ही कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर झूमने लगे और वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा के दौरान साध्वी भाग्यश्री भारती जी ने आध्यात्मिक संदेश के साथ समाज में व्याप्त कुरीतियों पर भी प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और नैतिक मूल्यों का ह्रास समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

आज का मानव भौतिकता की चकाचौंध में अपने संस्कारों और आध्यात्मिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि केवल कथा सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भगवान के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना आवश्यक है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति नशामुक्त और संस्कारित जीवन अपनाएगा, तभी एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।

इस अवसर पर सुमित रिणवा, इन्द्र कुमार हिसारिया, कृषि उपज मंडी सचिव बिष्णु दत्त शर्मा, शिव शंकर खड़गावत, वीरेन्द्र गोयल (बब्बी भट्टे वाले), प्रमेन्द्र जाखड़, हाउसिंग बोर्ड से सौरभ शर्मा, सुभाष चन्द्र सिंगला, लवली चावला और शिव कुमार रोड़ावाली सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। कथा के समापन पर सभी मुख्य अतिथियों और यजमानों ने सामूहिक रूप से आरती कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया। संस्थान की ओर से बताया गया कि यह आध्यात्मिक महोत्सव 22 मार्च तक प्रतिदिन जारी रहेगा, जिसमें कथा के माध्यम से समाज सुधार और आत्म-जागृति का संदेश दिया जा रहा है।

