रावतसर। रावतसर कस्बे में स्थित अम्बेडकर पार्क और अम्बेडकर भवन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। डॉ. अम्बेडकर नवयुवक संघ रावतसर ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर नगरपालिका रावतसर के अधिशाषी अधिकारी और कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें निलंबित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 10 मार्च 2026 तक उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उपखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और रावतसर बंद करवाने का भी आह्वान किया जाएगा। डॉ. अम्बेडकर नवयुवक संघ रावतसर की ओर से दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि रावतसर स्थित अम्बेडकर पार्क में करीब 50 वर्षों से संघ सामाजिक गतिविधियों का संचालन करता आ रहा है। संघ का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से पूर्व में यहां अम्बेडकर भवन का निर्माण करवाया गया था और पार्क की चारदीवारी भी विधायक निधि से करवाई गई थी। संघ का दावा है कि इतने वर्षों से अम्बेडकर पार्क और भवन का रखरखाव और संचालन अम्बेडकर नवयुवक संघ द्वारा ही किया जाता रहा है और यह उनकी निजी संपत्ति के रूप में उपयोग में रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि अम्बेडकर पार्क में स्थित भवन में गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों के अध्ययन के लिए एक लाइब्रेरी भी संचालित की जा रही है। इसके लिए पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक द्वारा फर्नीचर और कुर्सियां उपलब्ध करवाई गई थीं। इसके अलावा अम्बेडकर नवयुवक संघ ने स्वयं करीब 15 लाख रुपये खर्च कर लाइब्रेरी का निर्माण और विकास किया है, जहां आज भी बड़ी संख्या में जरूरतमंद विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इसी लाइब्रेरी को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। संघ के अनुसार करीब एक माह पूर्व नगरपालिका रावतसर के अधिशाषी अधिकारी और कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया लाइब्रेरी में पहुंचे और वहां मौजूद सदस्यों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। संघ का आरोप है कि उस दौरान उन्हें लाइब्रेरी और पार्क से बाहर निकलने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर राजकीय कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी दी गई। संघ ने बताया कि अगले दिन अम्बेडकर पार्क में नवयुवक संघ की बैठक चल रही थी। इसी दौरान अधिशाषी अधिकारी ने नगरपालिका कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया को पार्क में भेजा, जिन्होंने वहां मौजूद पदाधिकारियों के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया और उन्हें पार्क तथा भवन से हट जाने के लिए कहा। इस घटना के बाद संघ के प्रतिनिधि अधिशाषी अधिकारी से मिलने पहुंचे, जहां कथित रूप से उन्हें अपमानित करते हुए कहा गया कि पहले भी रावतसर में स्वामी समाज को धर्मशाला आवंटित की जा चुकी है और अब उनकी बारी है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि अधिशाषी अधिकारी ने संघ के पदाधिकारियों को धमकी देते हुए कहा कि यदि ज्यादा विरोध किया गया तो उनके खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा। संघ का कहना है कि इस रंजिश के चलते 21 फरवरी 2026 को नगरपालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अम्बेडकर पार्क स्थित लाइब्रेरी को नुकसान पहुंचाया गया और वहां रखे सामान को तहस-नहस कर दिया गया। संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि लाइब्रेरी में तोड़फोड़ के साथ ही पार्क और भवन परिसर में गंदगी और कचरा भी डलवाया गया। जब इस संबंध में संघ के सदस्यों ने अधिशाषी अधिकारी और कर्मचारी से संपर्क किया तो कथित रूप से उन्हें बताया गया कि अब उन्हें अम्बेडकर पार्क और अम्बेडकर भवन से हटाया जाएगा और लाइब्रेरी का संचालन उन्हें नहीं करने दिया जाएगा। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि नगरपालिका प्रशासन द्वारा अम्बेडकर पार्क में लगी बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की तस्वीरों पर पेंट करवा दिया गया और उसके ऊपर “मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्र” लिखवा दिया गया है। संघ का कहना है कि ऐसा कर अम्बेडकर भवन की पहचान बदलने की कोशिश की जा रही है और यह सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। डॉ. अम्बेडकर नवयुवक संघ का कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर 23 फरवरी 2026 को भी उपखंड अधिकारी रावतसर को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण संघ ने दोबारा ज्ञापन देकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में संघ ने पांच प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। पहली मांग में नगरपालिका रावतसर के अधिशाषी अधिकारी और कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की बात कही गई है। दूसरी मांग के तहत दोनों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने की मांग की गई है। तीसरी मांग में कर्मचारी प्रहलाद मटोरिया की चल और अचल संपत्ति की जांच करवाने और यदि कोई बेनामी संपत्ति पाई जाती है तो उसे कुर्क करने की मांग की गई है। चौथी मांग में अम्बेडकर पार्क में बने अम्बेडकर भवन और लाइब्रेरी को अम्बेडकर नवयुवक संघ रावतसर को सौंपने की बात कही गई है। वहीं पांचवीं मांग के तहत अम्बेडकर पार्क के नाम से नगरपालिका द्वारा पट्टा जारी करने की मांग की गई है। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर 10 मार्च 2026 तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो अम्बेडकर नवयुवक संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर उपखंड कार्यालय रावतसर के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही रावतसर बंद करवाने का भी आह्वान किया जाएगा। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आंदोलन की स्थिति बनती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार, मुख्य सचिव, निदेशक स्वायत्त शासन विभाग जयपुर, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग और जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ को भी भेजी गई है। फिलहाल इस मामले को लेकर रावतसर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह मामला बड़ा आंदोलन का रूप ले सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोग:
डॉ. अम्बेडकर नवयुवक संघ के अध्यक्ष रामदेव बेरवाल व महासचिव रोहिताश धानका, विधि सलाहकार दयाला राम भाटी, मनीष मक्कासर (जिला अध्यक्ष, कांग्रेस), प्रेमराज नायक (प्रदेश महासचिव, सेवादल), शिवभगवान रैगर, आलोक बिबान (जिला अध्यक्ष, भीम आर्मी), मुकेश चोपड़ा, जयसिंह जोगपाल, दलीप बसेर, विनोद नाथ और अंकुश भादू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
