– राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर विशेषज्ञ सत्र, विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव और डिजिटल करियर के गुर बताए
हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय की ओर से राष्ट्रीय अभियंता दिवस के मौके पर मंगलवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। महान भारतीय अभियंता एवं भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और व्यावसायिक डिजिटल पहचान के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता पर विशेषज्ञ सत्र आयोजित हुआ। साइबर प्रकोष्ठ, हनुमानगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की सहायक प्रोग्रामर रिंकल गर्ग ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी संदेश एवं लिंक, सामाजिक अभियांत्रिकी, डिजिटल गोपनीयता तथा सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने संदिग्ध लिंक, अनजान कॉल-संदेश और ऑनलाइन लेन-देन के दौरान सतर्कता बरतने के व्यावहारिक उपाय भी बताए। श्री गुरु गोविंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि इंजीनियर देश के तकनीकी एवं आर्थिक विकास की आधारशिला हैं। वर्तमान डिजिटल युग में तकनीकी ज्ञान के साथ साइबर सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी की समझ भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नई तकनीकों का उपयोग समाज और राष्ट्रहित में करने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आधुनिक तकनीक ने विकास के नए अवसर दिए हैं, लेकिन साइबर जोखिम भी बढ़े हैं। विद्यार्थियों को बदलती तकनीक के साथ अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर अद्यतन करते रहना चाहिए।
एआई और लिंक्डइन के व्यावहारिक उपयोग बताए
प्रदीप स्वामी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं व्यावसायिक लिंक्डइन परिचय पर संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों को एआई की वर्तमान एवं भविष्य की उपयोगिता, शिक्षा और करियर में इसके प्रभावी उपयोग तथा आवश्यक डिजिटल कौशल की जानकारी दी। उन्होंने प्रभावशाली लिंक्डइन परिचय तैयार करने, शैक्षणिक एवं तकनीकी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने तथा रोजगार एवं उद्योग जगत से जुड़ने में इसके उपयोग के बारे में बताया। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. कुलवंत सिंह ने कहा कि साइबर सुरक्षा आज प्रत्येक तकनीकी विद्यार्थी के लिए आवश्यक कौशल बन चुकी है। कार्यक्रम के समन्वयक विक्रम मंगवाना ने विशेषज्ञ वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन और सहयोगी संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुमित कुमार, मनोज जोशी, नितिन मीणा, सूरज सिंह एवं राजविंद्र सिंह सहित संकाय सदस्यों का सहयोग रहा। मंच संचालन मनमीत कौर ने किया।
