– राजकीय मेडिकल कॉलेज में जून में हुई थी नियुक्ति, अस्पताल शुरू नहीं होने से जिला अस्पताल में दे रहे ड्यूटी
हनुमानगढ़। राजकीय मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति के बाद भी वेतन का भुगतान नहीं होने और लगातार ड्यूटी के बावजूद डे-ऑफ का लाभ नहीं मिलने से नर्सिंग ऑफिसर व लैब टेक्नीशियन्स आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। इसी को लेकर मंगलवार को नर्सिंग ऑफिसर व लैब टेक्नीशियन्स ने जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले उन्होंने राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और जल्द समाधान की मांग की। प्रवीण कौर और वीरेन्द्र मीणा ने बताया कि उनकी पोस्टिंग राजकीय मेडिकल कॉलेज में राजमैस के अधीन नर्सिंग ऑफिसर के रूप में हुई थी। उन्होंने इसी वर्ष जून में ज्वाइनिंग की थी। मेडिकल कॉलेज का अस्पताल शुरू नहीं होने के कारण उन्हें टाउन स्थित राजकीय जिला चिकित्सालय में ड्यूटी के लिए लगाया गया। तब से वे लगातार जिला अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि लगातार राउंड द क्लॉक ड्यूटी करने के बावजूद उन्हें नियमानुसार डे-ऑफ का लाभ नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि अन्य मेडिकल कॉलेजों में कर्मचारियों को डे-ऑफ की सुविधा मिल रही है, जबकि उन्हें इससे वंचित रखा जा रहा है। इससे लगातार ड्यूटी के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। वहीं कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या वेतन भुगतान की है। प्रवीण कौर व वीरेन्द्र मीणा ने बताया कि ज्वाइनिंग के करीब साढ़े तीन माह बीत जाने के बाद भी उन्हें वेतन नहीं मिला है। वे दूर-दराज के क्षेत्रों से आए हैं और हनुमानगढ़ में किराए के मकानों में रह रहे हैं। ऐसे में नियमित वेतन नहीं मिलने से किराया, दैनिक खर्च और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि वे किसी प्रकार का विवाद नहीं चाहते और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। इस संबंध में पूर्व में भी दो बार मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को लिखित रूप से अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक समाधान नहीं हुआ। कर्मचारियों ने मांग की कि लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान करवाने के साथ डे-ऑफ की सुविधा भी नियमानुसार उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आगामी दिनों में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
