हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के विधि विभाग एवं अर्थशास्त्र विभाग की ओर से गुरुवार को छात्र-छात्राओं के लिए शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया। शैक्षणिक भ्रमण का समन्वयन डॉ. ममता जैन की ओर से किया गया। उनके साथ रवि बंसल, सरला और रेखा भी मौजूद रहीं। भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने पोलस्टार फाइनकेम इंडिया, पोलस्टार इंडस्ट्रीज तथा साईं इंडस्ट्रीज का दौरा किया। यहां उद्योगों के प्रबंध निदेशकों और विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण तथा उद्योग प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं। इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक दिनेश जुनेजा ने कहा कि छात्र-छात्राओं के समग्र विकास के लिए केवल पुस्तकीय ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होना चाहिए। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों और व्यावसायिक जगत से भी जोड़ा जाए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण छात्र-छात्राओं को उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली, प्रबंधन प्रणाली, उत्पादन प्रक्रिया तथा बाजार की मांग को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपने करियर के प्रति स्पष्ट दिशा प्राप्त होती है। पोलस्टार फाइनकेम इंडिया के प्रबंध निदेशक दीपक खदरिया ने छात्र-छात्राओं को उद्योग में निर्मित रासायनिक उत्पादों, उनकी निर्माण प्रक्रिया, गुणवत्ता जांच प्रणाली तथा सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी उद्योग की सफलता के लिए गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक होती है। वहीं पोलस्टार इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक पवन खदरिया ने छात्र-छात्राओं को उत्पादन प्रणाली, पैकेजिंग प्रक्रिया तथा उत्पादों की बाजार में आपूर्ति व्यवस्था के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक और कुशल प्रबंधन के माध्यम से उद्योगों की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाया जा सकता है। साईं इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक किशोर ने उद्योग में निर्मित विभिन्न उत्पादों, उनके निर्माण की प्रक्रिया तथा उद्योग की प्रबंधन व्यवस्था के बारे में जानकारी साझा की। विधि संकाय के विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम मेहरा ने कहा कि ऐसे औद्योगिक भ्रमण छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं। इससे उन्हें उद्योगों की कार्यप्रणाली, प्रबंधन प्रणाली तथा व्यावहारिक ज्ञान को नजदीक से समझने का अवसर मिलता है।
