–पिता छोड़ गया स्टेशन पर, पीलीबंगा पुलिस ने संभाली दो मासूमों की जिम्मेदारी
पीलीबंगा। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर उस समय मानवता का एक मार्मिक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब पीलीबंगा पुलिस ने लावारिस हालत में मिले दो मासूम बच्चों को न केवल सहारा दिया, बल्कि उन्हें सुरक्षा, भोजन और ममता का एहसास भी कराया। पुलिस की इस संवेदनशील कार्रवाई ने शहरभर में खाकी की मानवीय छवि को और मजबूत किया है। थानाधिकारी जगदीश प्रसाद और उनकी टीम की इस सराहनीय पहल की हर ओर प्रशंसा हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार पीलीबंगा रेलवे स्टेशन पर दो छोटे बच्चों को संदिग्ध और लावारिस हालत में इधर-उधर घूमते हुए देखा गया। बच्चों की स्थिति को देखकर वहां मौजूद आमजन को शक हुआ कि वे किसी मुसीबत में हैं। मामले की गंभीरता को समझते हुए लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने मामले को प्राथमिकता देते हुए एएसआई हरीराम शर्मा और पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस जब बच्चों के पास पहुंची तो दोनों बच्चे डरे-सहमे और भूखे दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिलाया और प्यार से बातचीत शुरू की। पूछताछ के दौरान बच्चों ने अपना नाम रवि और विशाल बताया। मासूम बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनके पिता का नाम कालूराम है, जो उन्हें रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़कर खुद ट्रेन में बैठकर कहीं चला गया। यह बात सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति भावुक हो उठा। नन्हे बच्चों की आंखों में डर और असहायता साफ दिखाई दे रही थी, जिससे माहौल बेहद मार्मिक हो गया। स्थिति को देखते हुए थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।

उन्होंने सबसे पहले बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करवाई और अपने हाथों से उन्हें खाना खिलाया। काफी देर से भूखे होने के कारण बच्चों ने खाना खाते समय राहत महसूस की। इसके बाद जब पुलिस ने बच्चों के कपड़ों की स्थिति देखी तो उनके लिए नए कपड़ों का प्रबंध किया गया। पुराने और गंदे कपड़ों की जगह बच्चों को साफ-सुथरे नए कपड़े पहनाए गए। पुलिस के इस स्नेह और देखभाल से बच्चों के चेहरे पर धीरे-धीरे मुस्कान लौट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना की और पुलिस के प्रति सम्मान व्यक्त किया। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई कि खाकी केवल कानून व्यवस्था ही नहीं संभालती, बल्कि जरूरत पड़ने पर समाज के कमजोर और असहाय लोगों के लिए सहारा भी बनती है। पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए थानाधिकारी जगदीश प्रसाद ने दोनों बच्चों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें बाल कल्याण समिति, हनुमानगढ़ को सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू की। समिति के माध्यम से बच्चों की देखभाल और भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पूरे शहर में पुलिस की इस मानवीय पहल की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि आज के दौर में जहां संवेदनाएं कम होती जा रही हैं, वहीं पीलीबंगा पुलिस की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि मानवता आज भी जीवित है। थानाधिकारी जगदीश प्रसाद और उनकी टीम द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है और पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास और भी मजबूत किया है।
