- समय सीमा में काम पूरा नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
टिब्बी। लुणा वाली ढाणी में पानी निकासी पंप हाउस को सुचारू रूप से शुरू करने में हो रही देरी को लेकर सोमवार को किसान नेता मनीष बुरड़क के नेतृत्व में ग्रामीणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभाग के एक्सईएन सुनील निवास ग्रामीणों के बीच पहुंचे और पंप हाउस को शुरू करने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा। एक्सईएन ने आश्वासन दिया कि बिना किसी और देरी के एक सप्ताह के भीतर पानी निकासी का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए ठेकेदार और संबंधित विभाग द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य करने की बात कही गई। गौरतलब है कि पंप हाउस शुरू करने में लगातार हो रही देरी और तकनीकी समस्याओं को लेकर विगत दिनों ग्रामीणों ने किसान नेता मनीष बुरड़क के नेतृत्व में लुणा वाली ढाणी टोल नाके पर सांकेतिक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया था कि तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान कर 5 अक्टूबर तक पंप हाउस शुरू कर दिया जाएगा। निर्धारित समय सीमा 5 अक्टूबर को पूरी होने के बावजूद पंप हाउस शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने सोमवार को समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में पहुंचे एक्सईएन ने ग्रामीणों से एक सप्ताह का समय मांगा और निर्धारित अवधि में पंप हाउस शुरू कर पानी निकासी का कार्य चालू करने का भरोसा दिलाया। किसान नेता मनीष बुरड़क ने कहा कि क्षेत्र में पानी निकासी की समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आगामी गेहूं की बिजाई के दौरान किसानों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से क्षेत्र के किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में पंप हाउस को जल्द शुरू करना बेहद जरूरी है। बुरड़क ने कहा कि लुणा वाली ढाणी का पंप हाउस अभी तक शुरू नहीं हो पाना संबंधित ठेकेदार और विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि डबली कलां पुराने गांव में किसानों की लगातार सक्रियता और संघर्ष के परिणामस्वरूप पंप हाउस को लगातार चलाकर पानी निकासी की जा चुकी है। यदि लुणा वाली ढाणी के पंप हाउस को लेकर ठेकेदार और विभाग गंभीरता से कार्य करते तो यहां भी अब तक पानी निकासी शुरू हो सकती थी। उन्होंने कहा कि सोमवार को एक्सईएन स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचे और एक सप्ताह का समय मांगा है। यदि तय समय सीमा में पंप हाउस शुरू कर पानी निकासी का कार्य पूरा नहीं किया गया तो ग्रामीणों को पंचायती राज चुनावों के बीच मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा।बैठक में मनीष बुरड़क, बृजलाल सहारण, पूर्व सरपंच वेदपाल बुरड़क, ओमप्रकाश छिपा, हाकम बुरड़क, जसवंत पिलानियां, कालूराम छिपा, रामकरण गोदारा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
