हनुमानगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर इनोवेशन समिट-2026 के अंतर्गत कृषि स्टार्टअप्स के लिए कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीड़ा) द्वारा विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का साफा पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानपूर्वक किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं वक्ता एजीएम, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीड़ा) चन्द्रशेखर डुडेजा ने अपने संबोधन में कहा कि वे 20 से अधिक जिलों का दौरा कर चुके हैं और उनका आगमन तभी सार्थक होगा जब क्षेत्र के प्रगतिशील किसान कृषि निर्यात से जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि वे राजस्थान के प्रभारी हैं तथा एपीड़ा का मुख्यालय दिल्ली में स्थित है। एपीड़ा भारत सरकार का उपक्रम है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में हुई थी। देशभर में इसके 18 कार्यालय संचालित हैं तथा 18 प्रमुख उत्पाद श्रेणियां निर्यात के अंतर्गत आती हैं। भारत के कुल कृषि निर्यात में एपीड़ा का लगभग 50 प्रतिशत योगदान है, जिसमें बासमती एवं सामान्य चावल का निर्यात सर्वाधिक है।

डुडेजा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात व्यापार प्रारंभ करने, निर्यात की गति बढ़ाने तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निर्यात आधारित कृषि आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए जीरा, ईसबगोल, अनार, सौंफ, अरंडी, ग्वारगम एवं हिना जैसी फसलों की निर्यात संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही गुणवत्ता पूर्ण उत्पादन के लिए कृषि में ऑटोमेशन एवं मशीनरीकरण को आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल की जा सकती है। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि कृषि मेले का उद्देश्य नवाचारों को जमीन पर उतारना है, न कि उन्हें केवल कागजों तक सीमित रखना। इसी उद्देश्य से 50 नवाचार करने वाले किसानों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कहा कि एपीड़ा किसानों की फसल को विदेशों तक पहुंचाने और उनकी आय में वृद्धि करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब वे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू हों। सेवानिवृत्त आईजी गिरीश चावला ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और हमारी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। यदि कृषि में समृद्धि होगी तो बाजार में भी रौनक आएगी। उन्होंने बढ़ती उत्पादन लागत के मद्देनजर उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम में समाजसेवी अशोक गाबा, सरपंच जगतार सिंह, अग्रवाल समाज समिति के अध्यक्ष सुभाष बंसल, बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची, रेशम सिंह माणुका, व्यापार संघ अध्यक्ष पदमचंद जैन, रघुवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
