नोहर। जिले की नोहर तहसील के गांव ललानिया, सागठिया और चेनपूरा में अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज आंधी और बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों से खेतों में खड़ी चने की फसल बुरी तरह तबाह हो गई। कई खेतों में तो फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई और दाने झड़कर नष्ट हो गए, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

स्थानीय किसानों के अनुसार इस बार चने की फसल अच्छी स्थिति में थी और उत्पादन को लेकर उन्हें काफी उम्मीदें थीं। लेकिन कुछ ही मिनटों की ओलावृष्टि ने उनकी महीनों की मेहनत को बर्बाद कर दिया। प्रभावित गांवों में कई जगहों पर चने की फसल 80 से 100 प्रतिशत तक खराब होने की बात सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि उन्होंने फसल में बीज, खाद और सिंचाई पर काफी खर्च किया था। अब फसल नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

कई किसानों के सामने परिवार की आजीविका चलाना भी मुश्किल हो सकता है। ओलावृष्टि के बाद प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तुरंत गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनकी आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो सकती है। वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेने और किसानों को शीघ्र राहत देने की मांग की है। किसानों को उम्मीद है कि उन्हें फसल बीमा योजना या आपदा राहत के तहत सहायता मिलेगी।

फिलहाल ओलावृष्टि के बाद प्रशासनिक स्तर पर सर्वे शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है। प्रभावित किसानों की नजरें अब सरकार और प्रशासन की ओर टिकी हुई हैं कि उन्हें कब तक राहत मिलती है।
संवाददाता- आर. के. जोशी
