– 9 आबादी क्षेत्र से गुजर रही कथित अवैध पाइप लाइन हटाने की मांग, जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
हनुमानगढ़। ग्राम करणीसर सहजीपुरा में फसलों की सिंचाई के लिए बिछाई गई पाइप लाइन को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद गहरा गया है। मामले में ग्रामीण दो धड़ों में बंट गए हैं। एक पक्ष के ग्रामीणों ने शनिवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर आबादी क्षेत्र से गुजर रही कथित अवैध पाइप लाइन को हटाने की मांग की। इधर, इस विवाद के बीच शनिवार सुबह गांव में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने बिना अनुमति घग्घर नदी के तटबंध को तोड़कर पाइप लाइन बिछा दी है, जिससे गांव में परेशानी और खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि ग्राम करणीसर सहजीपुरा घग्घर नदी के तटबंध के पास स्थित है। गांव की आबादी के उत्तर दिशा में घग्घर नदी बहती है, जबकि दक्षिण दिशा में चक 35 और 37 एसएसडब्ल्यू के खेत स्थित हैं, जो आबादी क्षेत्र से करीब 10 से 15 फीट ऊंचाई पर हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने नदी के तटबंध को क्षतिग्रस्त करते हुए वहां से पाइप लाइन निकालकर आबादी क्षेत्र के बीच से अपने खेतों तक पहुंचा दी है।

ग्रामीणों का कहना है कि इन पाइप लाइनों के कारण आए दिन समस्या उत्पन्न होती रहती है। पाइप लाइन में लीकेज होने से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि तटबंध को नुकसान पहुंचने से भविष्य में घग्घर नदी का पानी गांव में घुस सकता है, जिससे जान-माल की भारी हानि हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि कुछ लोगों ने पुराने समय की एनओसी का हवाला देकर पाइप लाइन बिछा रखी है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसके लिए वैध स्वीकृति ली गई है या नहीं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सदर थाना पुलिस ने शनिवार सुबह करीब छह बजे गांव में पहुंचकर कार्रवाई की और इस दौरान कई ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई, जिससे कुछ लोग चोटिल हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि कई लोगों को बिना किसी जुर्म के हिरासत में लिया गया और उन्हें गिरफ्तार किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनैतिक दबाव के चलते की गई है। उनका कहना है कि पाइप लाइन को लेकर चल रहे विवाद में प्रशासन को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन इसके बजाय ग्रामीणों पर ही कार्रवाई की जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से एनओसी और स्वीकृति प्रमाण पत्र की जांच कर पाइप लाइन की वैधता तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए आबादी क्षेत्र से कथित अवैध पाइप लाइन हटवाने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि से बचा जा सके। इस मौके पर पतराम दूधवाल, कृष्ण दूधवाल, राकेश कुमार, जोतराम, सुरेन्द्र, मुकेश चौधरी, विकास, प्रेम कुमार, मदन, भूपेन्द्र, सुरेन्द्र, विकास कुमार, अनिल, सुभाष दूधवाल, चन्द्रशेखर, अंकित, विनोद, आत्माराम, संतराम, सुदेश सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
