-विशिष्ट न्यायालय पोक्सो संख्या एक हनुमानगढ़ ने सुनाया फैसला
हनुमानगढ़। विशिष्ट न्यायालय पोक्सो संख्या एक हनुमानगढ़ ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के मामले में शनिवार को फैसला सुनाते हुए दोषी युवक को 20 साल के कारावास की सजा से दंडित किया। 51 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए। राज्य की ओर से पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक सम्पतलाल गुप्ता ने की। प्रकरण के अनुसार टाउन निवासी एक व्यक्ति ने 5 अगस्त 2021 को महिला पुलिस थाना में मुकदमा दर्ज करवाया कि वह 5 अगस्त 2021 को अपनी 17 वर्षीय बेटी को लेकर ई-मित्र पर गया। वह कोई कार्य होने के कारण अपनी बेटी को ई-मित्र की दुकान पर छोड़कर वहां से चला गया। तभी वहां उसका धर्म भाई सोम शर्मा (56) पुत्र अमीचंद शर्मा निवासी वार्ड 21, चुंगी नंबर छह, टाउन आ गया। सोम शर्मा ने उसकी बेटी को कहा कि उसके पापा ने कहा है कि वह उसके साथ उनके घर चली जाए, वह वहां से आकर उसे ले जाएगा। परिवादी के अनुसार सोम शर्मा उसकी बैटी को बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गया। घर में सोम शर्मा का दोस्त मुकेश (24) पुत्र महावीर निवासी वार्ड 10, चक 22 एसएसडब्ल्यू पीएस सदर भी मौजूद था। दोनों ने उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया और नग्न अवस्था में फोटो खींच ली। इसके बाद दोनों ने उसकी बेटी को धमकाया कि अगर किसी को इस घटना के बारे में बताया तो जान से मार देंगे और अश्लील फोटो वायरल कर देंगे। कुछ देर बाद वह अपने बेटे के साथ वहां पहुंचा। उन्हें देखकर सोम शर्मा व मुकेश वहां से भाग गये। परिवादी के अनुसार उसकी बेटी ने यह भी बताया कि इससे पहले जब वह 2018 में नौंवी कक्षा में थी, तब सोम शर्मा उनके घर पर आया और उसे स्कूल छोड़ने का कहकर बाइक पर बैठाकर ले गया। स्कूल की बजाए अपने घर ले जाकर डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। उसके बाद भी सोम शर्मा ने कई बार उससे दुष्कर्म किया। पुलिस ने आईपीसी व जेजे एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। अनुसंधान के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी मुकेश को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। उसे आईपीसी की धारा 342 में 1 साल कारावास, 1 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी एक माह के अतिरिक्त कारावास, 5जी/6 पोक्सो एक्ट में 20 साल कारावास, 50 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। कुल जुर्माना 51 हजार रुपए लगाया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं इस प्रकरण में दूसरा आरोपी सोम शर्मा फैसला सुनाने के समय कोर्ट में पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने उसे मफरूर घोषित करते हुए फैसला सुरक्षित रखा।
