– कृषि वैज्ञानिक देंगे गेहूं-सरसों की उन्नत किस्मों की जानकारी, पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर मिलेगा गुणवत्तापूर्ण बीज
हनुमानगढ़। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण बीज और वैज्ञानिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय की ओर से 14 अक्टूबर को गेहूं बीज वितरण मेले का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय परिसर, टोल प्लाजा के पास सूरतगढ़ रोड पर आयोजित होने वाले मेले में बाहर से आने वाले कृषि वैज्ञानिक किसानों से सीधे संवाद करेंगे और गेहूं एवं सरसों की उन्नत किस्मों के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देंगे। मेले में कृषि विशेषज्ञ गेहूं एवं सरसों की विभिन्न उन्नत किस्मों की विशेषताओं, उत्पादन क्षमता, खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियों तथा बेहतर उत्पादन के लिए अपनाई जाने वाली कृषि तकनीकों के बारे में किसानों को जानकारी देंगे। किसान खेती से जुड़ी अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के सामने रखकर उनका समाधान भी प्राप्त कर सकेंगे। मेले की प्रमुख विशेषता उन्नत गेहूं की किस्मों के बीज का वितरण रहेगा। उपलब्ध प्रमुख किस्मों में डीबीडब्ल्यू 327, डीबीडब्ल्यू 303, पीबीडब्ल्यू 826, पीबीडब्ल्यू 872, एचडी 2851, राज 1482 तथा राज 3077 शामिल हैं। इन बीजों का वितरण ‘पहले आओ-पहले पाओÓ के आधार पर किया जाएगा। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज और ग्रामीण क्षेत्र के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाना है। गेहूं बीज वितरण मेले के माध्यम से किसानों को कृषि वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने तथा उन्नत बीज एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। गुणवत्तापूर्ण बीज और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां बेहतर उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में मेले में पहुंचकर कृषि वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन प्राप्त करने और इस अवसर का लाभ उठाने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार मेले में उन्नत खेती, बेहतर उत्पादन और गुणवत्तापूर्ण बीजों के चयन से संबंधित उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि कृषि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित हो तथा किसानों तक आधुनिक कृषि ज्ञान और नई तकनीकों की जानकारी पहुंचाई जा सके।
